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तबाही के दिख रहे निशान: सड़कों पर बोल्डर...जान जोखिम में डालकर आ-जा रहे लोग, पिथौरागढ़ में 27 सड़कें बंद

Thu, 11 Jul 2024 12:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

बीते दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के बाद पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। चीन और नेपाल सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर अब भी यातायात ठप हैं।
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धापा-मिलम मोटर मार्ग पर भूस्खलन के चलते जान जोखिम में डाल आवागमन करते लोग। स्रोत: ग्रामीण
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विस्तार
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बीते दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के बाद पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। चीन और नेपाल सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर अब भी यातायात ठप हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें भी बंद होने से लोगों का जिला मुख्यालय समेत अन्य जगहों का संपर्क कट गया है। सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। वहीं सब्जियों के अलावा जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं, दूध की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई जगहों पर बिजली, पानी और दूर संचार सेवा भी बाधित है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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मुनस्यारी में मार्ग ध्वस्त होने से माइग्रेशन पर गए मल्ला जोहार के पातों के 33 ग्रामीण रालम में फंसे हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन से फंसे लोगों को हेली से रेस्क्यू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किलथम जगह पर भूस्खलन होने से 500 मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों में गर्भवती और स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।

पातों के ईश्वर सिंह ने इसकी जानकारी मुनस्यारी तहसील को दी है। उन्होंने कहा कि दो माह पूर्व माइग्रेशन पर रालम गए थे। दो दिन पूर्व जब ग्रामीण वापस आ रहे थे तो रालम नदी के तेज बहाव से किलथम में 500 मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते वहां से निकलना असंभव है। 33 ग्रामीणों को वापस रालम जाना पड़ा है। भाजपा अनुसूचित जनजाति के मंडल उपाध्यक्ष केदार सिंह नबियाल ने एसडीएम को पत्र लिखकर हेलिकॉप्टर से फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू करने की मांग उठाई है। उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराकर आवागमन सुचारु किए जाने का भी अनुरोध किया है। 
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चीन सीमा समेत पिथौरागढ़ में 27 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ जिले में लगातार हुई बारिश से चीन सीमा के गांवों को जोड़ने समेत 27 सड़कों पर यातायात ठप है। सड़कों पर जहां-तहां गिरे मलबे और बोल्डरों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग जानहथेली पर रखकर आवागमन करने को विवश हैं। पिछले 24 घंटों में देवलथल में सर्वाधिक 60, पिथौरागढ़, थल में 42-42 और तेजम में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश कम होने से नदियों का जल स्तर भी घट रहा है।

रछतिया में मकान को खतरा, परिवार ने रिश्तेदारी में ली शरण
थल में बारिश से रछतिया गांव निवासी भुवन राम पुत्र लाली राम के मकान के नीचे सड़क पर भूस्खलन होने से आंगन का काफी हिस्सा ढह गया है। भुवन राम गंतोला में रिश्तेदार के यहां शरण ली है।

जानहथेली पर रख आवागमन कर रहे हैं ग्रामीण
मुनस्यारी में धापा-मिलम मोटर मार्ग पर भारी भूस्खलन से ग्रामीण और सुरक्षा बलों के जवान जान हथेली पर रख आवागमन करने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना सयाना ने बताया धापा, पांतो, साईपोलू, क्वीरिजीमिया, लीलम, जिमीघाट के लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। कहा यदि सड़क शीघ्र नहीं खोली गई तो गांवों में रोजमर्रा की चीजों का संकट गहरा सकता है। 

टनकपुर में आपदा प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री
क्षेत्र में आपदा पीड़ितों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की जा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निरीक्षण के बाद रात में ही एसडीएम आकाश जोशी के नेतृत्व में टीम ने घसियारा मंडी क्षेत्र में राहत सामग्री बांटी। राहत किट में पांच किलो चावल, दाल, मसाला, तेल आदि शामिल हैं। घर-घर पांच सौ पैकेट बांटे गए।

बीते दो दिनों में किरौड़ा और शारदा नदी समेत नाले उफान पर आ गए थे। इससे जल भराव और घरों में पानी घुस गया था। एसडीएम जोशी, ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी की मौजूदगी में नगर के शारदा घाट, बंगाली कॉलोनी, रेलवे बस्ती, आंबेडकर नगर, घसियारा मंडी, पूर्णागिरि काॅलोनी, नायकगोठ, बोहरा गोठ आदि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि प्रभावितों को सहायता दी जाएगी। बताया कि बनबसा क्षेत्र में आपदा प्रभावित क्षेत्र में जानवरों के लिए भी करीब 150 क्विंटल चारा वितरित किया गया है। टीम में तहसील के प्रदीप जुकरिया, पूर्ति निरीक्षक दीपक ठाकुर, भुवन राम, पालिका के बसंत राज चंद, विनोद बिष्ट, अर्जुन सिंह, प्रमोद प्रकाश आदि शामिल रहे।

देवीपुरा में किया राहत सामग्रियों का वितरण
बनबसा के देवीपुरा गांव में प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्रियों का वितरण किया। प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने बताया कि देवीपुरा गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में रहा। घरेलू सामान के साथ ही अनाज, पशुओं का चारा आदि पूरी तरह से नष्ट हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को राशन का वितरण किया है। इसके अलावा प्रशासन के निर्देश पर पशु चिकित्साधिकारी डा. अमित कुमार ने बाढ़ प्रभावित गांवों में मवेशियों के लिए चारा बांटा। 
ग्राहकों को भा रही हैं स्थानीय सब्जियां
थल बाजार में तीन दिन से हल्द्वानी से सब्जी नहीं पहुंची है। ऐसे में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। सब्जी विक्रेता भूपाल सिंह मेहता ने कहा कि हल्द्वानी से सब्जी नहीं आने से स्थानीय उत्पादकों को अच्छे दाम मिल मिल रहे हैं। शिमला मिर्च, करेला 80, लौकी, खीरा 60, बैंगन, कटहल 30, मुनस्यारी का आलू 40 रुपये तक बिका। टमाटर का भाव काफी अधिक बढ़ने से इसकी मौजूदगी कहीं नहीं देखी गई। 

पालबिलौन क्षेत्र में नुकसान की टीम ने बनाई रिपोर्ट
चंपावत के पालबिलौन क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान का बुधवार को एसडीएम सौरभ असवाल के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सर्वे रिपोर्ट तैयार की। टीम ने स्वांला, अमोड़ी, कोट अमोड़ी, छतकोट, भुम्टा, बेलखेत, चल्थी आदि का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम में लोनिवि, राजस्व विभाग, वन विभाग, पीएमजेएसवाई, सिंचाई विभाग आदि विभागों के अधिकारी शामिल थे। बताया कि बारिश से बेलखेत का झूलापुल, अमोड़ी का डिग्री कॉलेज, जीआईसी स्कूल समेत गांव के कई रास्तों और आवासीय मकानों को काफी खतरा पैदा हो गया। वहां राजस्व उपनिरीक्षक अनुज उप्रेती, एसडीओ नेहा चौधरी, ग्राम प्रधान लालमणि भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बोहरा, पानदेव भट्ट, विजय राणा,

मनीष जोशी, शंकर दत्त भट्ट, बलदेव भट्ट रहे। 
बनबसा के पचपकरिया गांव के प्रधान महेश चंद्र मुरारी ने गांव में हुए नुकसान की सूचना प्रशासन को दी है। बताया कि गांव निवासी पार्वती देवी की गाय और बछड़ा, केशव राम, दिवानी राम, राजेंद्र कुमार, गिरीश राम, बलदेव कुमार, नंद राम, तुलसी प्रसाद की एक-एक दुधारू गाय की मौत हुई है। रश्मी, श्याम, चंद्र शेखर बैज, खड़क सिंह महर, केशव पांडेय के पोल्ट्री फार्म में असंख्य मुर्गियों की मौत हुई है। प्रधान ने प्रशासन से पीड़ित ग्रामीणों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। 

बरसाती नाले ने मचाई तबाही, मांगा मुआवजा
टनकपुर के ग्राम पंचायत सैलानीगोठ के ग्रामीणों ने एसडीएम आकाश जोशी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि टनकपुर के बिष्णुपुरी काॅलोनी से मनिहागोठ, पूर्वी बिचई से बरसाती नाले ने तबाही मचाई है। उन्होंने नाले का जीर्णोद्धार, एनएचपीसी के पावर चैनल के किनारे वाली नाली की सफाई, नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान रमिला आर्या, उमाकांत राय, भुवन चंद्र राय, निशा राय,महेश चंद्र, दीपक चंद्र समेत आदि शामिल हैं। वहीं थ्वालखेड़ा में बरसाती नाले से संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। इससे आशा महर, नाथ सिंह आदि के घरों का रास्ता खराब हो गया है। ग्राम प्रधान दीपा बोरा ने लोनिवि से मार्ग के मरम्मत की मांग की है। सुआगोठ-खेतखेड़ा में शारदा नदी से कई ग्रामीणों के भू-कटाव का खतरा पैदा हो गया है।

संचार सेवाएं बाधित, नहीं हो रहे ऑनलाइन काम
तहसील बंगापानी की 15 हजार से अधिक की आबादी संचार सुविधा नहीं होने से परेशान है। क्षेत्र के लोग निजी संचार कंपनियों का सिम इस्तेमाल करते हैं। यह सेवाएं भी ज्यादातर बाधित हो जाती हैं। नेटवर्क की सुविधा सही नहीं होने से एसबीआई, पोस्ट ऑफिस, तहसील से संबंधित ऑनलाइन कार्य नहीं हो पाते हैं। विक्की बिष्ट, और प्रधान उमेश धामी आदि ने बीएसएनएल का टावर लगाने की मांग की है। 

सड़क पर गिरे बोल्डर, स्कूली बच्चों की राह मुश्किल
डीडीहाट में बारिश से डीडीहाट पमस्यारी सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े बोल्डर गिर गए हैं। रविंद्र बोरा ने कहा सड़क पर बोल्डर आने से स्कूली बच्चों के साथ क्षेत्रवासियों को दिक्क्त हो रही है। पीएमजीएसवाई की सहायक अभियंता गुरमीत कौर ने कहा जल्द बोल्डर हटा दिए जाएंगे। 

पूर्णागिरि धाम में पैदल मार्ग अब भी बंद, गेट के पास श्रद्धालु कर रहे पूजा
पूर्णागिरि मार्ग में लोनिवि ने बाटनागाड़ में आया मलबा हटाकर भैरव मंदिर तक वाहनों के लिए खोल दिया है। लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि बाटनागाड़, ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक भी जगह-जगह आए मलबे को दो जेसीबी और एक पोकलैंड से हटाया गया। बताया कि पूर्णागिरि धाम के पैदल मार्ग में आया मलबा बृहस्पतिवार तक हटा दिया जाएगा। वहीं श्रद्धालु काली मंदिर के पास रामबेड़ा के मुख्य गेट पर ही मां पूर्णागिरि की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। 

ट्रैक पर बारिश का पानी, आठ ट्रेनें नहीं दौड़ीं
टनकपुर में भारी बरसात के बाद रेलवे लाइनें क्षतिग्रस्त होने से टनकपुर से ट्रेनों का संचालन तीसरे दिन भी बंद रहा। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि टनकपुर से बरेली के बीच रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त और जलभराव से सभी आठ ट्रेनों का संचालन बुधवार को भी बंद रहा। इधर, ट्रेनों का संचालन न होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच स्टेशन में सन्नाटा पसरा रहा। बताया गया कि देर शाम तक ट्रेनों के संचालन के लिए आदेश का इंतजार जारी था। 

संपर्क मार्गों पर जमा मलबा जेसीबी से हटवाया
बनबसा में बाढ़ से जगह-जगह संपर्क मार्गों पर जमा मलबा प्रशासन ने जेसीबी से हटवाया। वहीं जलभराव के लिए कारण बने एनएचआई के निर्माणाधीन संपर्क मार्ग पर पानी निकासी को नाला खोदा गया। पटवारी ललित प्रसाद ने बताया कि एसडीएम आकाश जोशी के निर्देश पर मझगांव, गुदमी देवीपुरा में संपर्क मार्गों से मिट्टी और सिल्ट की सफाई की गई। ग्राम प्रधान दीपक प्रकाश चंद, विनीत देवी आदि ने प्रशासन का आभार जताया है। 

पुलिस ने रेस्क्यू कर तीन परिवारों को किया शिफ्ट
रीठासाहिब पुलिस ने तीन परिवारों को रेस्क्यू कर शिफ्ट किया है। रीठा साहिब थाना क्षेत्र में बाजार से गुरुद्वारा की ओर जाने वाली सड़क के ऊपर से टूट कर मलबा तीन-चार मकानों में पहुंच गया है। सूचना पर थाना पुलिस ने करीब 10 लोगों और उनके मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसमें भगवती देवी, नारायणी देवी और पान सिंह के मकान में मलबा घुस गया था। रीठा साहिब से लोहाघाट की ओर आने वाला मार्ग दो-तीन जगह क्षतिग्रस्त था, जिसे जेसीबी से खुलवाया गया। वहीं रीठा से लाल ढाक और हैड़ाखान नैनीताल को जाने वाला रास्ता कई जगह बंद है। 

आठ हजार की आबादी बिजली-पानी के लिए तरसी
चंपावत जिले की पछनई क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से सड़क बदहाल होने के साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है। बुधवार को ग्राम प्रधान प्रताप सिंह महाराना ने बताया कि पछनई ग्राम पंचायत में कई जगहाें पर भारी मलबा आने से सड़क बाधित है। लड़ाबोरा, खटोली, वैला, ईजरा आदि गांव की आठ हजार से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है। साथ ही क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी ठप है। ग्राम प्रधान ने जल्द बिजली सुचारु करने की मांग की है। 

सड़क कटिंग के मलबे से खतरे की जद में बगेड़ी गांव
बगेड़ी ग्राम पंचायत के हिदिंगा में सड़क कटिंग के मलबा भूस्खलन से ग्रामीणों के घरों में पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क को सर्वे के अनुसार नहीं काटा गया है। बारिश से सड़क का मलबा गांव की ओर गिर रहा है। ग्रामीण महेश जोशी, अंबादत्त ने कहा कि रात में डर लगा रहता है कि न जाने कब मलबा मकानों के ऊपर न गिर जाए। तुलसी दत्त, राजेंद्र जोशी ने कहा अगर मकानों की सुरक्षा को लेकर काम नहीं किया तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

तवाघाट तक खुली सड़क, ग्रामीणों को राहत
चीन सीमा के गांवों को जोड़ने वाली सड़क तवाघाट तक खुलने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यदि क्षेत्र में बारिश नहीं हुई तो एक-दो दिन में सीमा की दोनों सड़कें खुलने की संभावना है। भारी बारिश के चलते धारचूला-लिपुलेख और तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क कई जगहों पर बंद हो गई थी। इसके चलते दारमा, व्यास और चौंदास के ग्रामीणों के साथ ही सुरक्षा बलों के जवानों को कई किमी की पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। बुधवार को बीआरओ ने तवाघाट तक मलबा और बोल्डर हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया है। बीआरओ 67 आरसीसी के द्वितीय कमान अधिकारी करतार सिंह ने बताया कि तवाघाट तक सड़क खोल दी है। बताया कि तवाघाट से सोबला सड़क भी खुली है। ग्राम दर स्थित घटखोला में सड़क को खोला जा रहा है। सड़क खुलने से काफी संख्या में ग्रामीणों ने आवाजाही की। तवाघाट की ओर फंसे वाहन भी धारचूला आ गए हैं।

चट्टान खिसकने से क्वारबन सड़क बंद
क्वारबन सड़क पर बुधवार शाम विशाल चट्टान खिसक गई। इससे यातायात बाधित हो गया। धारी, भाटी गांव, बेलतड़ी सहित कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। वाहन नहीं चलने से लोगों को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता दयाकिशन भट्ट ने सड़क को खोलने की मांग की है। 
 

डर के साए में जी रहे हेलागोठ वासी
बनबसा के चंदनी ग्रामसभा अंतर्गत हेलागोठ के निवासी बरसात में डर के साए में जी रहे हैं। उनका कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए वायरक्रेट्स, बंधा निर्माण आदि की मांग को शासन प्रशासन अनदेखा कर रहा है। पांच जुलाई को नदी पार करते समय एक महिला की हुड्डीनदी में बहने से मौत हो गई थी। उन्होंने आगामी सभी चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी है। गांव के मुखिया हरीश सिंह तड़ागी, मोहन सिंह, भीम सिंह, नवीन सिंह, मदन राम, कलवती देवी, यशोदा देवी, गंगा देवी, राहुल सिंह अधिकारी आदि ने बताया कि दस दिन से गांव में जेसीबी मशीन खड़ी है, लेकिन कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। नया बंधा बनाना तो दूर पुराना अधूरा बंधा नदी के बहाव में बह गया है।

लधिया और क्वेराला नदी के भू कटाव पर रोक लगाएं, ज्ञापन सौंपा
टनकपुर में भाजपा नेता दिनेश सिंह बोहरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि ग्राम पंचायत दियूरी के तोक बेलखेत बेलूना और चल्थी में लधिया नदी और क्वेराला नदी से भू कटाव हो रहा है। बेलखेत बेलूना का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। झालाकुड़ी पैदल मार्ग झूलापुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। कहा चल्थी से बेलखेत अमोड़ी तक सड़क किनारे एनएच की ओर लगाई लाइट भी खराब पड़ी हैं। उन्होंने भू कटाव से सुरक्षा के लिए आरसीसी की दीवार और वायरक्रेट बनाने की मांग की है। 
 
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प्रधान जानने पहुंची थीं हाल, गुदमी के ग्रामीणों ने घेरा
बनबसा में गांव के हालात जानने को पहुंची गुदमी की प्रधान विनीता राणा का ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अबतक अपने कार्यकाल में प्रधान ने गांव में कोई काम नहीं किया है। प्रधान ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने अभद्रता करने वाली महिलाओं के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने जांच की बात कही है। 

नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाने की मांग
चंपावत में ग्राम पंचायत दियूरी के बेलूना और चल्थी क्षेत्र में हर साल बारिश में लधिया और क्वैराला नदी के ऊफान से भू-कटाव होता है। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बोहरा ने बताया कि हर साल बारिश में कृषि भूमि का भू-कटाव हो जाता है। भू-कटाव से नदी का पानी मकानों की तरफ आता है। उन्होंने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है। 
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