Side Effact of Corona in Education
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में दो केंद्रों में उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। कोरोना काल में एक वर्ष के अंतराल के बाद हुई इस परीक्षा में छात्रों की लेखनी में काफी अंतर दिख रहा है। पहले के मुकाबले उत्तीर्ण प्रतिशत अधिक हो सकता है, लेकिन इस बार बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या कम हो सकती है।
पिथौरागढ़ में दो केंद्रों में बोर्ड परीक्षाओं की जांच कर रहे शिक्षक बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं देखकर हैरान हैं। कोविड का असर उनके उत्तरों में साफ दिख रहा है। लेखनी भी ऐसी की कॉपियों की जांच करते समय उत्तर को समझना मुश्किल सा लग रहा है। हाईस्कूल संस्कृत विषय में बच्चों का स्तर 60 फीसदी कम हुआ है। बच्चा पासिंग अंक तो ला रहा है, लेकिन अंकों का स्तर काफी कम है। इंटर रसायन विज्ञान में अधिकतर बच्चों में कोरोना काल का असर साफ दिख रहा है। बच्चों की पढ़ाई का तरीका उनके दिए प्रश्नों के अनुसार मामूली सा लग रहा है। हालांकि अच्छे बच्चों का प्रदर्शन बेहतर तो है, लेकिन इस बार उनका प्रतिशत काफी कम है। अंग्रेजी विषय में बच्चों ने पहले के मुकाबले अच्छा काम किया है। इस मूल्यांकन के हिसाब से कई बच्चों के 70 फीसदी से अधिक अंक आ रहे हैं लेकिन 90 प्रतिशत से अधिक अंक वाले बच्चों की संख्या कम है। मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों के अनुसार कोविड काल में लंबे समय तक शिक्षण संस्थान बंद रहने और पिछले वर्ष परीक्षाएं न होने के कारण यह बदलाव आया है।