पिथौरागढ़ के बास्ते गांव में तेंदुआ आने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम
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इस तहसील के बास्ते गांव में शनिवार सुबह एक तेंदुआ दिखने से लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ एक छोटी गुफा में जाकर छिप गया। इस दौरान स्कूल को जा रहे कई बच्चों ने भी तेंदुए को देखा। तेंदुए को करीब से देखने के लिए कई लोग गुफा के नजदीक जाने लगे। खतरे को देखते हुए वन विभाग ने लोगों को वहां से हटा दिया और सतर्कता बरतने को कहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि यह तेंदुआ कभी भी लोगों पर हमला कर सकता है इसलिए इसे तुरंत पकड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि तेंदुआ इस इलाके में एक हफ्ते में सक्रिय है। इस अवधि में उसने अर्जुन राम के घोड़े को और दस बकरियों को मौत के घाट उतार दिया है। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन रेंजर ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने का कोई इरादा नहीं है। जिस गुफा में वह छिपा है हो सकता है यही उसका निवास हो। उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ करना गलत साबित होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां पर तेंदुआ छिपा है उसके आसपास भीड़ न लगाएं और खास सतर्कता बरतें। वन विभाग के कर्मचारी समय समय पर इलाके का दौरा करते रहेंगे। लोगों के हटने के बाद भी तेंदुआ गुफा में ही छिपा हुआ था। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रात में वह खुद ही वहां पर से चला जाएगा।