जोशा में आपदा प्रभावित मृतका के परिवार को सांत्वना देते लोग।
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। जुलाई 2020 की आपदा में बेघर हो चुका एक परिवार टेंट में क्रिया कर रहा है। विस्थापन की कार्यवाही समय रहते पूरी हो जाती तो परिवार के सदस्यों को कड़कड़ाती ठंड में क्रिया नहीं करनी पड़ती। 13 जनवरी को टेंट में रह रही 25 वर्षीय नीमा देवी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। तब से उनका परिवार टेंट में क्रिया कर रहा है।
जोशा गांव के आपदा प्रभावित खगेंद्र सिंह का परिवार छह माह से साथ टेंट में रह रहा था। 13 जनवरी को उनकी 25 वर्षीय पत्नी नीमा देवी अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन उन्हें 30 किमी दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी ला रहे थे कि मुनस्यारी से लगभग 10 किमी दूर दरांती के पास महिला ने दम तोड़ दिया। तब से पति खगेंद्र टेंट में रहकर क्रिया पूरा कर रहा है। मृतका के रिश्तेदार, गांववासी भी टेंट में पहुंचकर ही सांत्वना दे रहे हैं। आपदा की मार के साथ ही घर में पहाड़ जैसा गम और हाड़कंपाती ठंड उनका इम्तहान ले रही है। जोशा के प्रधान राजेश रोशन ने कहा कि यदि इन परिवारों का विस्थापन किया जाता तो परिवार के लोगों को ऐसे हालात नहीं देखने पड़ते।