नाचनी के पास नापड़ गांव में भारी बारिश से सात मकान खतरे में घिर गए हैं। इन मकानों की दीवारें और लिंटर टूट गए हैं। ग्राम प्रधान की सूचना पर राजस्व पुलिस की टीम ने मौका मुआयना किया और नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को दे दी है।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नापड़ गांव में मान सिंह, हरीश राम, केशर राम, हिम्मत सिंह, दुर्गा सिंह, मनोहर सिंह और दानी राम के मकानों को खतरा हो गया है। इन परिवारों ने खतरे को देखते हुए मकान छोड़ दिए हैं और गांव में ही अन्य मकानों में शरण ले ली है। प्राथमिक विद्यालय नापड़ और नैनथल के भवनों में भी मलबा घुस गया है। नापड़ को जाने वाला पैदल पुल मंगलवार की रात बह गया है।
थल के पास चौंसाला गांव में खड़क सिंह कार्की के मकान के छत का लिंटर टूट गया है। मकान खतरे की जद में है। परिवार के लोगों ने मकान में रखा सारा सामान हटा दिया है और दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। बेड़ीनाग में दीवानी राम और हीपा गांव में गोपाल सिंह का मकान भी खतरे में आ गया है। इन मकानों के आगे की दीवार टूट गई है। धारचूला के पांगला गांव से प्रधान जनक सिंह ने तहसील नियंत्रण कक्ष को सूचना दी है कि गांव को जोड़ने वाले सारे रास्ते बंद होने से बुधवार को एक बारात घंटों फंसी रही।
कुछ और मकान खतरे की जद में आए
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के नियंत्रण कक्ष ने बुधवार को अपरान्ह पांच बजे जारी सूचना में कहा है कि मुनस्यारी तहसील के डोर मगर गांव में स्थित अस्पताल भवन की सुरक्षा दीवार टूट गई है। पांखू पट्टी के उज्यूड़ा गांव में हयात राम, जाबुका गांव के कवींद्र सिंह, पांखू गांव के विशन सिंह और सौनगांव के देवेंद्र सिंह के मकान को भूस्खलन का खतरा हो गया है। सभी स्थानों पर राजस्व टीम भेज दी गई है।
भारी बारिश का अलर्ट फिर से जारी
पिथौरागढ़। जिले में अगले 24 घंटे में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग से मिले पूर्वानुमान के आधार पर अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर ने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और सड़क निर्माण एजेंसियों से सतर्क रहने को कहा है। लोगों से अपील की है कि यात्रा के समय सावधानी बरतें।