धारचूला में जीएसटी के संबंध में बैठक लेते एडीएम
- फोटो : अमर उजाला
जीएसटी लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों के सामने आ रही दिक्कत और नेपाल सामान ले जाने पर कस्टम विभाग की ओर से रोज परेशान करने की शिकायतों के बाद शनिवार को अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर यहां पहुंचे। उन्होंने कस्टम अधिकारियों और व्यापारियों की बैठक लेकर कहा कि जब तक सभी व्यापारियों का जीएसटी में पंजीकरण नहीं हो जाता और स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आ जाते, व्यापारी पैनकार्ड और आधार कार्ड के जरिए सामान की बिक्री करेंगे।
बैठक में व्यापारियों और कस्टम अधिकारी डीएस शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कहा गया कि कस्टम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नेपाल से आने वाले ग्राहकों को धमकाते हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि ग्राहकों से पक्का बिल मांगा जा रहा है। व्यापारी नेता ओमप्रकाश कापड़ी ने कहा कि चावल के हर कट्टे में 50 रुपये की मांग की जा रही है। जीएसटी लागू होने के बाद नेपाल सीमा पर तैनात कस्टम विभाग के अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। यह भी कहा कि यदि अधिकारी रवैया नहीं बदलते हैं तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कस्टम अधिकारी डीएस शुक्ला ने व्यापारियों के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि जो व्यापारी बिना बिल के सामान बेच रहे हैं, उनको रोका जा रहा है। एडीएम के निर्देश पर अब व्यापारियों को उम्मीद है कि कस्टम विभाग की मनमानी नहीं चलेगी। बैठक में एसडीएम आरके पांडे, एसएसबी के सहायक सेनानी इमान मोल सिंह, हरीश गुंज्याल, प्रकाश गुंज्याल, ओमप्रकाश वर्मा, हीरालाल वर्मा, भीम सिंह रावत, जगदेव डोगरा आदि उपस्थित थे।
तिब्बत से सामान लाने पर दिक्कत
भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सचिव दिनेश गुंज्याल ने बैठक में मांग रखी कि तिब्बत से सामान लाने पर जीएसटी का रोड़ा लग रहा है। गुंजी समेत अन्य स्थानों पर इंटरनेट, फोन सेवाएं नहीं है। इस पर कस्टम अधिकारी ने कहा कि फिलहाल व्यापारी पैनकार्ड और आधार कार्ड के माध्यम से सामान आयात-निर्यात कर पाएंगे। सभी का जीएसटी पंजीकरण एक माह में हो जाएगा।