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Pithoragarh News: सड़क की आस में सूने हुए सेला और खेरकुड़ा तोक, पलायन ग्रामीणों की मजबूरी

Mon, 26 Oct 2026 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पाटी (चंपावत)। पाटी ब्लॉक की दूरस्थ ग्राम पंचायत रमक में कभी 356 परिवार निवास करते थे। अब ग्राम पंचायत के तोक सेला और खेरकुड़ा वीरान होने की कगार पर हैं। यहां निवासरत करीब 82 परिवार सुविधाओं के अभाव में गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं। इसकी मुख्य वजह ग्राम पंचायत के इन तोकों तक सड़क का न पहुंचना है। ग्रामीण गांव तक सड़क नहीं होने से कई दुश्वारियां झेल रहे हैं। बदहाल रास्तों पर हर-रोज खतरे के बीच पैदल सफर करना ग्रामीणों की मजबूरी है। बीमार और गर्भवतियों को डोली के सहारे नजदीकी सड़क तक पहुंचाते हैं। इसके बाद वाहन से अस्पताल तक ले जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सक्षम लोग सड़क नहीं होने के कारण पहले ही पलायन कर चुके हैं। अब बचे हुए ग्रामीण भी धीरे-धीरे गांव छोड़ने को मजबूर हैं।
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दोनों तोकों के बच्चों के लिए एकमात्र प्राथमिक विद्यालय
सेला और खेरकुड़ा के बच्चों के लिए एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित है। पांच साल पहले तक इस विद्यालय में 25 बच्चे पढ़ने आते थे। वर्तमान में विद्यालय में केवल चार बच्चे अध्ययनरत हैं। कक्षा छह से 12 वीं तक के बच्चों को 13 किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज रमक में आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में गांव से पलायन होना स्वाभाविक है।

एक वर्ष पहले हुआ था सड़क निर्माण के लिए सर्वे
ग्राम पंचायत रमक से सेला और खेरकुड़ा तक करीब 13 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए एक वर्ष पहले पीएमजीएसवाई की ओर से सर्वे किया गया था। सड़क बनने से क्षेत्र की करीब तीन हजार आबादी को सुविधा मिलेगी। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीण लंबे समय से गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।
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बोले ग्रामीण
सड़क न होने से कई तरह की दिक्कत झेलनी पड़ रही है। बीमारों और गर्भवतियों की जान बचाना मुश्किल हो रहा है। बदहाल रास्ते के बीच गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। -बसंत अटवाल, ग्राम प्रधान रमक
सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। सक्षम परिवार सड़क न होने से पहले ही पलायन कर चुके हैं। यदि सड़क होती तो निश्चित तौर पर ग्रामीण पलायन नहीं करते।
-मंगल मोहन जोशी, पूर्व प्रधान, खेरकुड़ा

ग्राम पंचायत रमक के विभिन्न तोकों को सड़क से जोड़ने के लिए 30 सितंबर को भारत सरकार के स्तर पर बैठक हुई थी। इस माह सड़क निर्माण की कार्रवाई के लिए अंतिम बैठक होनी है। केंद्र से प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य कराया जाएगा। -बीसी नैनवाल, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई लोहाघाट
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