एसडीएस राइंका पिथौरागढ़ में बांह में काला फीता बांधकर प्रदर्शन करते शिक्षक। संवाद
पिथौरागढ़। प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती के विरोध में माध्यमिक शिक्षकों ने शिक्षक दिवस का बहिष्कार करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से छह हजार से अधिक शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो गए हैं।
बृहस्पतिवार को जिले भर में 127 इंटर कॉलेज और 87 हाईस्कूलों में तैनात माध्यमिक शिक्षकों ने शिक्षक दिवस का बहिष्कार करते हुए अपने-अपने विद्यालयों के बाहर बांह में काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रवीण रावल ने कहा कि पूर्व में हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पद पदोन्नति से भरे जाते थे। अब सरकार ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती का निर्णय लेकर माध्यमिक शिक्षकों के लिए पदोन्नति के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं।
छह हजार से अधिक प्रवक्ता नियमावली के चलते भर्ती से बाहर हो गए हैं। एलटी संवर्ग के शिक्षकों को भर्ती में शामिल होने का मौका नहीं दिया जा रहा। सरकार का यह फैसला शिक्षकों के हित में नहीं है। इसका विरोध जारी रहेगा। चेतावनी देते हुए कहा सीधी भर्ती का फैसला वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के माध्यमिक शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षकों के शिक्षक दिवस का बहिष्कार करने से विद्यार्थियों को भी निराश होना पड़ा। संवाद
सिंगाली के शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
अस्कोट (पिथौरागढ़)। प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्तीकरण और सभी स्तरों पर पदोन्नति की मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर राइंका सिंगाली शाखा के सभी सदस्यों ने पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी के नेतृत्व में बांह में काली पट्टी बांध कर शिक्षक दिवस का बहिष्कार किया। इसमें प्रभारी प्रधानाचार्य नीरज पंत, ब्लॉक संयुक्त मंत्री जनक बिष्ट, शाखा अध्यक्ष मनमोहन पाटनी, शाखा मंत्री गोविंद खड़ायत, विजय कुमार, लक्ष्मी दत्त जोशी, ज्योति वर्मा आदि शामिल थे।