भाजपा के धारचूला विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया को एक वर्ष तक आंदोलन करने के लिए पाबंद करने संबंधी मुनस्यारी के एसडीएम के आदेश पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने रोक लगा दी है। मर्तोलिया के वकील निर्मल चौधरी ने बताया कि मुनस्यारी के परगना मजिस्ट्रेट की अदालत ने जो आदेश जारी किया था, उस पर रोक लग गई है। इस मामले में अगली सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में 30 सितंबर को होगी। रोक के लिए श्री चौधरी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी की अदालत में आवेदन किया था।
मुनस्यारी के एसडीएम (परगना मजिस्ट्रेट) ने मर्तोलिया के खिलाफ धारा 111 के तहत नोटिस जारी किया था और उन पर एक वर्ष तक आंदोलन करने की रोक लगा दी। साथ ही 25 हजार रुपये का बंधपत्र जमा करने के आदेश दिए थे। मर्तोलिया ने जिला एवं सत्र न्यायालय से रोक का आदेश मिलने के बाद कहा कि न्याय की प्रक्रिया पर उनको पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि धारचूला विधानसभा क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का राज है। इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुनस्यारी तहसील प्रशासन कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है। मर्तोलिया पर गोरीपार की समस्याओं को लेकर बंगापानी और मुनस्यारी तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन करने और लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया था।