पिथौरागढ़-झूलाघाट रोड पर बड़ालू में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कृत्रिम झील निर्माण का मामला अटका हुआ है। झील निर्माण में 11 लाख रुपये खर्च कर दिए गए हैं, लेकिन झील का ढांचा तक तैयार नहीं हो पाया है। इतनी राशि से सिर्फ मिट्टी हटाने और एक ओर की दीवार बनाने का ही काम किया गया। अब गांव के लोग झील के लिए कम से कम 20 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में बड़ालू गांव के पास बहने वाली छोटी नदी में कृत्रिम झील बनाने के लिए 22 लाख रुपये मंजूर किए थे। पहली किश्त में झील निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की राशि जारी की गई। यह राशि मनरेगा की मद से जारी हुई। बताया गया कि झील निर्माण का इस्टीमेट सिंचाई विभाग ने तैयार किया। पर्यटन विभाग ने इसकी संस्तुति की, लेकिन अभी झील की सतह में सरिया और सीमेंट डाला जाना है। तीन ओर की दीवार और बननी है। पिछले दिनों ग्राम प्रधान शांति देवी ने झील का निर्माण पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा एवं 20 लाख रुपये और मंजूर कराने की मांग की। सिंचाई विभाग ने झील का काम पूरा करने के लिए 20 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है लेकिन शासन से इसकी मंजूरी नहीं मिली है। बड़ालू की इस छोटी नदी में सालभर पानी रहता है। यदि झील बन जाती है तो उसमें पानी की कमी नहीं रहेगी।