पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बदहाल और जर्जर हो चुके छात्र-छात्राओं के लिए खतरा बने 42 स्कूलों का कायाकल्प होगा। इन स्कूलों के सुधारीकरण में 1.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए बजट स्वीकृत हुआ है। स्कूलों में अन्य सुविधाओं का भी विस्तार होगा, इसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने बीते दिनों बदहाल और जर्जर हो चुके प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का चिह्नीकरण किया। कई स्कूलों की छत टपक रही है तो कुछ की दीवारों पर दरारें पड़ी हैं। विभाग ने इन स्कूलों की मरम्मत और नवनिर्माण का निर्णय लिया है। जिला योजना से स्वीकृत 1.75 करोड़ रुपये से जल्द ही विभाग काम शुरू करेगा। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 2000 से अधिक छात्र-छात्राओं को खतरे से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
25 स्कूलों के लिए होगी फर्नीचर की खरीद
पिथौरागढ़। जिले के 25 राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर की खरीद होगी। शिक्षा विभाग को इसके लिए 6.04 लाख रुपये मिले हैं। फर्नीचर मिलने से छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
जिले में 625 स्कूल भवनों में सुधारीकरण की जरूरत है। इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। 42 स्कूलों के सुधारीकरण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। स्कूलों के लिए फर्नीचर की खरीद भी होगी। -तरुण कुमार पंत, डीईओ, प्रारंभिक, पिथौरागढ़।