धारचूला (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से तीन किमी दूर हाट गांव में सोमवार की सुबह 6:45 बजे पहाड़ी से हुए भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। मलबा और बड़े पत्थर ऐंजल्स कॉन्वेंट स्कूल में घुस गए। सौभाग्य से तब तक बच्चे स्कूल में नहीं पहुंचे थे। स्कूल के एक कमरे के अंदर तक पत्थर पहुंचे हैं। इससे फर्नीचर, भवन को भारी नुकसान पहुंचा है। खतरे को देखते हुए फिलहाल स्कूल बंद कर दिया गया है। भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आए छह परिवारों को शिफ्ट कर दिया गया है। भूस्खलन से बिजली का एक टावर खतरे में आ गया है।
प्रत्यक्षदर्शी गोविंद सिंह ने बताया कि सुबह 6:45 बजे हाट गांव के पीछे की पहाड़ी से जोरदार धमाके के साथ पानी का तेज बहाव आने लगा। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते सारा मलबा, पत्थर आबादी की ओर आ गए। ठीक इसी पहाड़ी की जड़ में ऐंजल्स स्कूल है। मलबे ने स्कूल की सुरक्षा दीवार तोड़ दी और सारा मलबा खेल मैदान में पट गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पहाड़ में 25 मीटर लंबी दरार पड़ी है जबकि मलबा 200 मीटर की ऊंचाई से आबादी की ओर घुसा था।
मलबे की चपेट आए मकानों में रह रहे कुमाऊं स्काउट्स के हवलदार हरेंद्र सिंह, सीमा सड़क संगठन के अवर अभियंता बीएस कन्याल, सुरेंद्र सिंह, उमा देवी, सोनू देवी, शिवराज सिंह के आवास खाली करा दिए हैं। ऐंजल्स स्कूल के प्रबंधक गौतम कन्याल, प्रधानाचार्य सरस्वती कन्याल के अनुसार स्कूल भवन को लाखों का नुकसान हुआ है और भवन खतरे की जद में आ गया है। स्कूल के कर्मचारी सुरेंद्र धामी ने घटना की सूचना पुलिस, आपदा नियंत्रण कक्ष को दी।
सूचना मिलते ही एसडीएम आरके पांडे, तहसीलदार आईबी मल्ल, थाना प्रभारी ध्यान सिंह, एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। एसडीएम ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। अलबत्ता संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी से निकला सारा मलबा धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पट गया।
इस कारण इस रोड पर दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। भूस्खलन से बिजली के टावर के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। ठीक आबादी में भूस्खलन होने से अफरातफरी का माहौल है। उधर, जिला मुख्यालय में डीएम सी रविशंकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खतरे से घिरे सभी परिवारों को शिफ्ट कर निगरानी की जाए।
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा के अनुसार हाट गांव में चट्टानों के भीतर रिसकर जमा पानी वर्षा, तापमान में बढ़ोतरी के साथ बाहर फूट पड़ा था। ढलान वाली जगह में यह पानी भूस्खलन के रूप में सामने आता है, जहां पर ढलान नहीं होता, वहां पर यह पानी प्राकृतिक स्रोत के रूप में बाहर निकलता है। धारचूला क्षेत्र में पिछले सप्ताह मध्यम स्तर की बारिश हुई थी।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-2.0 एमएम
गंगोलीहाट-3.0 एमएम
बेड़ीनाग-10.0 एमएम
डीडीहाट-4.0 एमएम
मुनस्यारी-13.0 एमएम
धारचूला-11.6 एमएम
मलबा आने से कई सड़कों पर यातायात बंद
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार मलबा आने से कई आंतरिक मार्ग बंद हैं। चौबाटी-बोराबुंगा मार्ग तीन स्थानों पर मलबा आने से बाधित है। नाचनी-बांसबगड़ मार्ग एक स्थान पर मलबा आने से बंद है। कोटा-पंद्रपाला मोटर मार्ग, सोबला-बोंगलिंग मार्ग भी मलबा आने के कारण बंद हैं। कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग खुला है।