सातशिलिंग-थल मार्ग चौथे दिन भी बंद है। रविवार को बीसाबजेड़ के पास गिरी चट्टानों को अब तक नहीं हटाया गया है। अब क्षेत्र के लोगों की मुसीबत बढ़ने लगी है। मुनस्यारी, बेड़ीनाग, पांखू से जिला मुख्यालय आने वाले वाहन चालकों को डीडीहाट के रास्ते घूमकर आना पड़ रहा है, इसमें उनको 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
मुवानी, देवलथल, बुंगाछीना से आने वाले वाहन चालकों को कनालीछीना से घूमकर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सड़क पर गिरी चट्टानों को हटा पाने में एडीबी के अधिकारी विफल हो गए हैं। इस सड़क के चौड़ीकरण और देखरेख का काम इस समय एडीबी कंस्ट्रक्शन डिवीजन के पास है। स्थानीय लोगों में रोड बंद होने से भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि सड़क को खोलने में लापरवाही बरती जा रही है।
उधर, पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर लखनपुर के पास बृहस्पतिवार तड़के चार बजे भारी मलबा पट गया। मलबा हटाने का काम सीमा सड़क संगठन ने सुबह छह बजे से शुरू किया और सड़क आठ बजे खुल गई। इस सड़क पर कई स्थानों पर मलबा गिरने का खतरा बना है। बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि हर संवेदनशील स्थान पर जेसीबी तैनात की गई है। इस सड़क पर अब भी बंदरलीमा, पिनौड़ीगाड़ के पास मलबा गिरने का खतरा बना है।
मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर घिंघरानी के पास बुधवार रात 12 बजे मलबा गिर गया। यह सड़क पूरे 12 घंटे बाद खुल पाई। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क कई जगह खतरनाक हालत में है। थोड़ी सी बारिश में ही रोड मलबे से पट रही है, जिन स्थानों पर मलबा नहीं गिर रहा है, वहां पर कीचड़ से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत पैदा हो रही है।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद
धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर पांगला पुल पर गिरा मलबा अब तक नहीं हटाया जा सका है। तवाघाट-मांगती रोड पर पड़ने वाले इस पुल के एक किनारे से छोटे वाहन बड़ी कठिनाई से निकल पा रहे हैं। वहीं, खेत के पास मलबा पटने से तवाघाट से नारायणआश्रम जाने वाली रोड भी बंद है। अब यात्री दलों को धारचूला से सिर्खा जाते समय पांगला से पैदल जाना पड़ रहा है। तवाघाट-नारायणआश्रम मार्ग से शुरू में चार दल ही जा पाए। अन्य दलों को मांगती के रास्ते भेजा जा रहा था। अब यह मार्ग भी बंद हो गया है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-9.4 एमएम
गंगोलीहाट-10.0 एमएम
बेड़ीनाग-25.8 एमएम
डीडीहाट-22.2 एमएम
मुनस्यारी-10.0 एमएम
धारचूला-42.8 एमएम