पिथौरागढ़। सीमांत जिले में उपभोक्ताओं को सस्ता और निशुल्क राशन बांटने की योजना सवालों में है। कई सस्ते गल्ले की दुकानों में उपभोक्ताओं को बांटने के लिए सड़े चावल की आपूर्ति कर दी गई। जब उपभोक्ता राशन लेने सस्ते गल्ले की दुकान पर पहुंचे बोरियों से बाहर निकले कीड़े दुकानों के फर्श पर नजर आए। ऐसे में उपभोक्ताओं को बगैर राशन लिए घर लौटना पड़ा। बोरियों खोलीं गईं तो इनमें भरा चावल पूरी तरह सड़ा मिला। पूर्ति विभाग की इस लापरवाही से उपभोक्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि सरकार और पूर्ति विभाग हमें सस्ता राशन नहीं बल्कि बीमारी बांट रहा है।
मामला पाभैं, डुंगरा और धारी सस्ता गल्ला की दुकानों का है। बीते दिनों खाद्याह्न गोदाम से उपभोक्ताओं के हक का राशन यहां पहुंचा। उपभोक्ता राशन लेने दुकानों में पहुंचे तो बोरियों से बाहर निकले और फर्श, दीवारों पर फैले कीड़े देखकर हैरान रह गए। चावल की बोरियां सफेद कीड़ों से सनी मिलीं। बोरियां खोली गईं तो इनमें भरा 40 क्विंटल से अधिक चावल सड़कर काला मिला। ऐसे में उपभोक्ता सड़े चावल घर नहीं ले गए और इन्हें बैरंग लौटना पड़ा। खाद्याह्न गोदाम में कब से सरकारी राशन सड़ रहा है। बगैर जांच के ही यह राशन जिले के साथ ही खाद्याह्न गोदाम के बाद सस्ता गल्ला की दुकान तक कैसे पहुंचा ये सवाल चर्चा में है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सड़ा चावल बांटकर सरकार और पूर्ति विभाग योजना के नाम पर खानापूर्ति करने के साथ ही हमारी सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहा है। उपभोक्ताओं ने मामले की जांच कर इसके जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामला खुलने के बाद पूर्ति विभाग मामले की जांच करने की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
2022 में बोरियों में भरा चावल, चार साल बाद पहुंचा सस्ता गल्ला की दुकानों में
सस्ता और निशुल्क राशन योजना के नाम पर हैरान करने वाली बात सामने आई है। सस्ता गल्ला की दुकानों में सड़कर खराब हो चुके चावल की बोरियों में पैकिंग का समय वर्ष 2022 दर्ज है। चार साल बाद यह चावल उपभोक्ताओं को बांटने के लिए सस्ता गल्ला की दुकानों तक पहुंचा है। इतने समय तक यह चावल कहां डंप था। इसे सड़ने के लिए कहां छोड़ दिया गया। ये सवाल भी उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं।
गोदामों में दो महीने का राशन भी है डंप
बीते वर्ष अक्तूबर और नवंबर में सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से इन दो महीनों का राशन नहीं बंटा, जो अब भी गोदामों में डंप है। बारिश के दौरान गोदामों में डंप करीब डेढ़ लाख क्विंटल राशन खराब हो गया। अब सस्ता गल्ला की दुकानों में सड़ा चावल पहुंचा है। आशंका जताई जा रही है कि गोदामों में डंप सड़े राशन को सस्ता गल्ला की दुकानों में खपाया जा रहा है।
-कोट
स्ता गल्ला की दुकानों में सड़े राशन की आपूर्ति गंभीर है। इस मामले की जांच होगी। इसके जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
- विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
कोट
सस्ता गल्ला की दुकानों में सड़े राशन की आपूर्ति करना पूर्ति विभाग की गंभीर लापरवाही है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। पूर्ति विभाग की लापरवाही के चलते सस्ता गल्ला विक्रेताओं पर सवाल उठते हैं जो सही नहीं है। - मनोज पांडे, जिलाध्यक्ष, सस्ता गल्ला विक्रेता संघ, पिथौरागढ़
फोटो-09 पीटीएच 07 पी-पाभैं में सस्ता गल्ला की दुकान में बोरी में सड़ा चावल। स्रोत:ग्रामीण