पिथौरागढ़। दिन पर दिन बढ़ते ऑनलाइन कारोबार ने छोटे-मझोले अनेक दुकानदारों का धंधा चौपट कर दिया है। उनके लिए किराया देने के साथ अपना घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इस कारण पिछले एक-दो वर्षों में कई दुकानदारों ने अपना धंधा समेट दिया है।
ऑनलाइन मार्केट का सबसे ज्यादा असर रेडीमेड, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जूता-चप्पल और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर पड़ा है। अब आटा, चावल, साबुन, तेल, मसाला के अलावा फ्रिज जैसे बड़े आइटम भी ऑनलाइन मंगाए जाने लगे हैं। रोजमर्रा की जरूरतों का 70 प्रतिशत सामान लोग अब ऑनलाइन मंगाने लगे हैं। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक जिले में हर रोज सवा करोड़ रुपये के ऑनलाइन कारोबार का अनुमान है।
बढ़ते ऑनलाइन कारोबार ने नगरों और उसके आसपास गली-कूचे की दुकानों पर ही नहीं, कस्बों और गांव-घरों की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है। नगर में ही बड़ी कंपनियां घरों तक सामान पहुंचा रही हैं। स्थानीय कारोबारियों को भी अपनी दुकानों में ऑनलाइन रेट पर सामान उपलब्ध होने का बोर्ड लगाना पड़ रहा है। बढ़ते ऑनलाइन कारोबार से बीते दो सालों के भीतर पिथौरागढ़ नगर के जीआईसी रोड, चिम्स्यानौला, कैंट रोड, लिंक रोड में 25 से अधिक दुकानों पर ताले लटक गए हैं।
बोले कारोबारी
ऑनलाइन मार्केट का दुकानदारी पर काफी असर है। कई छोटी दुकानें बंद हो गई हैं। आकस्मिक स्थिति में कभी दो-तीन दिन दुकान बंद रखनी पड़े तो उसकी भरपाई करनी मुश्किल हो जाता है। - त्रिभुवन कुंवर, किराना स्टोर, धोबीघाट
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व्यापार के सभी क्षेत्रों में ऑनलाइन खरीदारी का 60-70 प्रतिशत प्रभाव है। खासकर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और जूता आदि के रिटेल धंधे पर इसका ज्यादा प्रभाव है। इसमें सामान पहुंचने पर जांच-परख के बाद वापस करने की भी सुविधा है। - बसंत बल्लभ शर्मा, व्यवसायी, बुंगाछीना
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बिजनेस के रिटेल सेक्टर से करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी चल रही है। सरकार को इस पर नियम-कायदे ठीक से बनाने चाहिए। अन्यथा छोटे-मझोले दुकानदार और उनसे जुड़े अनेकों लोग कहीं के नहीं रहेंगे। - गोविंद कफलिया, पांडे गांव