बीआरओ मार्ग खोलने में जुटा है। सीमांत गांव फिलम से लौटे जयेंद्र फिरमाल और नवीन फिरमाल ने बताया कि बारिश के कारण सेला के आगे वरूंग नाले में 10 मीटर सड़क बह गई है। पंगबावे में बोल्डर आने से सड़क बंद हो गई है। जयेंद्र फिरमाल ने बताया कि वरूंग नाले में सड़क बंद होने के कारण नांगलिंग से 10 किलोमीटर पैदल चलकर जैसे तैसे दर गांव पहुंचे। यहां से गाड़ी बदल बदल धारचूला रात 10 बजे पहुंचे।
उन्होंने बताया कि सोबला से तवाघाट लगभग 20 किलोमीटर में बारिश के कारण कई जगहों पर कीचड़, मलबा आने से लोगों के लिए आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। चंपावत जिले में बीते दो दिनों में हुई भारी बारिश से सात ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी बंद हैं। धौन-सल्ली मोटर मार्ग दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। इस वजह से ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विकासखंड बाराकोट के झिरकुनी गांव में भारी बारिश के चलते एक मकान ध्वस्त हो गया। हादसे से कुछ समय पहले बाहर निकलने से वृद्धा समेत तीन लोग बाल-बाल बच गए।
मवेशियों को चोट आई है। सीमांत मंच क्षेत्र की सहकारी समिति का दो साल पहले बना शौचालय बारिश की भेंट चढ़ गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लोनिवि बागेश्वर के अधीन कठपुड़ियाछीना-सेराघाट मोटर मार्ग, बागेश्वर-दोफाड़, पालड़ीछीना-जैनकरास मार्ग मलबा गिरने से बंद हैं। लोनिवि कपकोट के अधीन कपकोट-गैरखेत सड़क बंद है। कपकोट पीएमजीएसवाई के अधीन बघर मोटर मार्ग, तोली मोटर मार्ग, बदियाकोट मोटर मार्ग में यातायात बाधित है। बागेश्वर पीएमजीएवाई डिवीजन के अधीन कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी मोटर मार्ग कई स्थानों में क्षतिग्रस्त हो गया है। डंगोली-सैलानी सड़क भी दो स्थानों में मलबा गिरने से बंद पड़ी है। जेसीबी मशीनों के जरिए सड़कों को खोलने का काम चल रहा है।