पिथौरागढ़। बरसात सीमांत के लोगों की हमेशा परीक्षा लेता है। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों के बंद होने के बाद अब पैदल रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं।
सीमांत क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के पैदल रास्ते ध्वस्त होने से लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पैदल रास्तों के ध्वस्त होने से सीमांत के गांवों में रोजमर्रा के सामान की भी किल्लत होने लगी है। लोगों ने शीघ्र क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों को ठीक करने की मांग की है।
बारिश से मुनस्यारी ब्लॉक के चिलमधार-मल्लाजोहार पैदल रास्ता मापांग से नाहरदेवी के बीच जगह-जगह ध्वस्त हो गया है। इससे मल्लाजोहार के रिलकोट, बुर्फू, बिल्जू, मर्तोली, ल्वां, गनघर, मापा, खिलांच, तोला, मिलम समेत कई गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल रास्तों के ध्वस्त होने से इन गांवों में जरूरी सामान की किल्लत भी होने लगी है। इधर जिले के अंतिम गांव नामिक को जोड़ने वाला पैदल रास्ता नामिक झूलापुल से करीब 150 मीटर ध्वस्त हो गया है। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं।
इधर धारचूला विकासखंड के गलाती और खुमती गांव को जाने वाले पैदल रास्ते भी जगह-जगह ध्वस्त हो गए हैं, जिससे लोगों को धारचूला पहुंचने में दिक्कत हो रही है। लोगों ने शीघ्र ध्वस्त पैदल रास्तों को ठीक करने की मांग की है।
जरूरी सामान की खरीदारी के लिए नहीं आ पा रहे हैं लोग
पिथौरागढ़। बरसात में सीमांत के गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते ध्वस्त होने से लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए बाजार नहीं आ पा रहे हैं।
बदहाल और ध्वस्त रास्तों से गर्भवती और बीमार महिलाओं को पहुंचाने में भी दिक्कत हो रही है। उक्रांद के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने सीमांत में ध्वस्त पैदल रास्तों का सुधार करने की मांग की है।
भारी बारिश से ध्वस्त पैदल रास्तों को ठीक करने के निर्देश ब्लाक, जिला पंचायत, लोनिवि को दिए हैं। पैदल रास्तों को शीघ्र ठीक कर लिया जाएगा।
एफआर चौहान, एडीएम पिथौरागढ़।