धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट-लिपुलेख कैलाश मानसरोवर सड़क शांतिवन के पास आठ जून शाम चार बजे से बंद है। तब से सेना और सीमांत के लोग परेशान हैं। सड़क बंद होने से सेना के जवान और स्थानीय लोग पुराने पैदल कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग से आने-जाने के लिए मजबूर हैं।
इसके लिए उन्हें बिंदाकोटी की 10 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा (इसमें 4444 सीढ़ियां) करनी पड़ रहीं हैं। शांति वन के पास लगातार बोल्डर गिर रहे हैं, जिसकी वजह से सड़क खोलने में बीआरओ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चीन सीमा के अंतिम गांव कुटी के लामा (पंडित) हरीश सिंह कुटियाल ने बताया कि शांति वन में जहां सड़क बंद है, वहां से पुराने कैलाश मानसरोवर पैदल मार्ग बिंदाकोटी की पांच किमी की खड़ी चढ़ाई और पांच किमी की कठिन उतराई कुल 10 किमी की पैदल यात्रा है।
सीमांत के लोग और सीमा सुरक्षा में लगे जवान सड़क बंद होने से परेशान हैं। हरीश सिंह कुटियाल ने बताया कि 20 जून से व्यास घाटी के गांव में पूजा होने वाली है। उन्होंने प्रशासन से अति शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस 10 किमी की कठिन पैदल यात्रा में लोगों को कुल 4444 सीढ़ियां भी तय करनी पड़तीं हैं।
जरा सी चूक होने पर 500 मीटर गहरी खाई में गिरने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि शांतिवन की पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण शांति वन में 50 मीटर सड़क टूट गई है।
लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से गिर रहे बोल्डरों के सड़क को खोलने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़क खोलने में अभी दो दिन का समय और लग सकता है।