पिथौरागढ/नाचनी। हिमनगरी मुनस्यारी के दर्शन के लिए हरड़िया के पास पहाड़ी मुसीबत बनी है। पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन से आए दिन यातायात पर घंटों तक ब्रेक लग रहा है। पहाड़ी के उपचार के लिए लोनिवि की ओर से शासन को 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी धनराशि नहीं मिली है।
हरड़िया पर गट गांव की पहाड़ी यातायात के लिए मुसीबत का सबब बनी है। ऊपर से पहाड़ी की ओर से तो नीचे से रामगंगा से कटाव हो रहा है। पूर्व में यहां छह करोड़ रुपये से 115 मीटर में पहाड़ी का उपचार किया गया था। अब 200 मीटर क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है। लोनिवि ने सड़क से मलबा, बोल्डर हटाने के लिए यहां चेन डोजर, जेसीबी रखी है। आए दिन मलबा आने से सड़क रात को बंद हो रही है।
लोनिवि के अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि पहाड़ी का 200 मीटर क्षेत्र में उपचार किया जाना है। इसके लिए अभी धनराशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी से गिरने वाले मलबा, बोल्डर को हटाया जा रहा है। सीमांत जिले में मलबा, बोल्डर आने से 23 सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में तेजम में 66, बंगापानी में 46, गंगोलीहाट में 34, मुनस्यारी में 27.2 और धारचूला में 23.6 एमएम बारिश हुई।
बाक्स
नागीमल मंदिर के पास दरकी पहाड़ी
थल । जिला मुख्यालय को जाने वाली थल-सातशिलिंग सड़क पर नागीमल मंदिर वाली पहाड़ी दरकने से बड़े बोल्डर गिर गए। इससे सड़क पर यातायात बंद हो गया। सड़क के नीचे रामगंगा के कटाव से सड़क का 100 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में समाने के कगार पर है। सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। थल के पानी धारे से पांच सौ मीटर दूर सड़क पिछले सप्ताह दरार आने से खोखली हो गई थी। बुधवार सुबह की बारिश के बाद पहाड़ी दरकने से सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर लगातार गिर रहे हैं।
सड़क का पूरा हिस्सा धंस चुका है जो कभी भी नदी में समा सकता है। सड़क की खतरनाक स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे तहसीलदार दमन शेखर राणा ने आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। सड़क बंद होने से लोगों को वाया डीडीहाट और कमेटखान होकर 20 से 30 किमी की अतिरिक्त दौड़ लगानी होगी। सड़क की स्थिति को देखते हुए इसके अभी खुलने के आसार नहीं लग रहे हैं। नाली नहीं होने से बरसात के दिनों में ऊपर पहाड़ी से आ रहे पानी के तेज बहाव को सड़क धंसने का मुख्य कारण माना जा रहा है। संवाद