पिथौरागढ़। सीमांत के लोगों को रोडवेज सेवा राहत नहीं दे पा रही है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मुनस्यारी से दिल्ली-देहरादून के लिए सीधी बस सेवा एक साल से बंद है इसकी मार स्थानीय लोगों के साथ ही चीन सीमा पर डटे सुरक्षा कर्मी और पर्यटक सह रहे हैं। बस सेवा संचालित न होने से सभी टैक्सी बदलकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक मुनस्यारी पहुंचते हैं। वहीं चीन सीमा पर सुरक्षा में डटे जवानों की भी हर रोज आवाजाही होती है। दिल्ली और देहरादून के लिए मुनस्यारी से संचालित सीधी बस सेवा एक साल से बंद होने से पर्यटक, स्थानीय लोग और सुरक्षा कर्मी खासे परेशान हैं।
ऐसे में उन्हें टैक्सी बदल-बदल कर थल, जौलजीबी या जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है तब जाकर उन्हें दिल्ली-देरादून के लिए बस नसीब हो रही है। लगातार मांग के बाद भी बस सेवा संचालित न करने से निगम के खिलाफ लोगों में खासा आक्रोश है।
व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने कहा कि यदि दिल्ली-देहरादून के लिए सीधी बस सेवा संचालित होती तो पर्यटकों को राहत मिलती और पर्यटन कारोबार भी बढ़ता। कहा निगम को सीमांत के लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है।
सीमांत में बसों की कमी
पिथौरागढ़। एक दशक पूर्व तक पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 86 बस शामिल थीं। पुरानी और खराब होने से वर्तमान में डिपो से सिर्फ 56 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से भी 10 से अधिक बसें खराब होकर टनकपुर वर्कशॉप में खड़ी हैं। ऐसे में बसों की कमी से डिपो के लिए हर रूट पर बसों का संचालन करना चुनौती बना है।
कोट
- पिथौरागढ़ डिपो से मुनस्यारी के लिए सीधी बस सेवा बंद है। इस रूट पर बस संचालन की जिम्मेदारी बागेश्वर डिपो को दी गई है। मुनस्यारी के लिए बस संचालित करने पर विचार किया जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो।