पिथौरागढ़। मौसम की बेरुखी की मार स्थानीय फलों पर भी पड़ी है। ओलावृष्टि से नुकसान हुआ तो आड़ू, पुलम, खुमानी सहित अन्य स्थानीय फलों का उत्पादन घटने के साथ ही इनकी कीमत में भी खासा उछाल आया है। दोनों का असर कारोबार पर पड़ रहा है। उत्पादन घटने से किसान तो कीमत बढ़ने से आम लोग निराश हैं।
जिले के मैला, चंडाक, बेड़ा, गोगना, मुनस्यारी, कनालीछीना सहित अन्य हिस्सों में आड़ू, पुलम, खुमानी सहित अन्य स्थानीय फलों का उत्पादन बहुतायत में होता है। इस बार भी पेड़ फलों से लदे थे इससे किसानों के चेहरे पर खुशी थी। मई और जून माह में अंधड़ के साथ हुई ओलावृष्टि से इन स्थानीय फलों को नुकसान पहुंचने से उत्पादन 40 फीसदी से अधिक घट गया है इसका सीधा असर इनकी कीमत और कारोबार पर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक सीमित मात्रा में स्थानीय फलों का उत्पादन होने से इनकी कीमत बढ़ गई है।
इस सीजन आड़ू और पुलम 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है जबकि बीते वर्ष जून महीने में इनकी कीमत 40 से 50 रुपये किलो थी। स्थानीय फलों की कीमत बढ़ने से लोग इनका स्वाद भी नहीं ले पा रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक, लोग इन फलों की सीमित खरीदारी कर रहे हैं। अधिक समय तक बिक्री नहीं होने से ये फल खराब हो रहे हैं इससे नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बोले कारोबारी
आड़ू, पुलम को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। उत्पादन घटने से किसानों को बचे फलों की कीमत बढ़ानी पड़ी है इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। ओलों की मार से ये फल कम समय में ही खराब हो रहे हैं।
-ललित पुनेड़ा, गांधी चौक
स्थानीय फलों की कीमत बढ़ने से इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। लोग इन फलों की सीमित खरीदारी कर रहे हैं। देरी से बिक्री होने पर ये खराब हो रहे हैं।
-श्रवण कुमार, गांधी चौक
फोटो-18 पीटीएच 09 पी- नगर के गांधी चौक में स्थानीय आड़ू और पुलम की बिक्री करता फल विक्रेता। संवाद