नैनी-मदनपुर रोड पर टूटा हुआ पुल
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बडौलीसेरा, सारतोला, नैनी, ग्वासीकोट, पिल्खी, सेरा उर्फ बडौली क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को पत्र भेजकर मदनपुर-नैनी मार्ग पर एक फरवरी 2017 को ध्वस्त हुए नौलियासेरा पुल का पुनर्निर्माण कराने के साथ ही क्षतिग्रस्त पुल का मलबा हटाने की मांग की है। इस मामले में शुक्रवार को बेड़ीनाग थाने में नौ इंजीनियरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
इलाके के लोगों ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि पुल ध्वस्त होने से तीन महीने से अधिक समय से यातायात संचालन ठप है। आगामी बरसात में इलाके के लोग कुलूर नदी से पैदल आवागमन नहीं कर पाएंगे। क्षतिग्रस्त पुल के मलबे से नदी का प्रवाह रुक जाएगा। इससे कई गांवों में नुकसान की आशंका है। इलाके के लोगों ने शीघ्र नया पुल बनाने की कार्रवाई शुरू करने के साथ ही पुल का मलबा हटाने और बरसात में आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। इन लोगों ने गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला, एसडीएम गंगोलीहाट, लोनिवि के ईई को भी पत्र की प्रति भेजी है।
यातायात व्यवस्था शीघ्र बहाल हो : प्रधान
सेरा उर्फ बडौली के प्रधान मोहन चंद्र जोशी का कहना है कि पुल ध्वस्त हुए तीन माह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक नए पुल का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने यातायात व्यवस्था बहाल करने की दिशा में शीघ्र काम शुरू करने की मांग की है।
इंजीनियरों और ठेकेदार से हो वसूली
नौलियासेरा निवासी सुरेश चंद्र नियोलिया ने कहा कि लोनिवि ने पुल निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। पुल में खर्च हुई धनराशि की वसूली लोनिवि के इंजीनियरों और ठेकेदार से होनी चाहिए।
जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो
नौलियासेरा के पद्मा दत्त नियोलिया का कहना है कि पुल बनने के मात्र पांच साल में ध्वस्त होना लोनिवि की कार्यप्रणाली का उदाहरण है। पुल के निर्माण के लिए जिम्मेदार लोनिवि के अभियंताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।