पहाड़ की जमीन में फास्फोरस और नाइट्रोजन की कमी हो रही है। इसी कारण उत्पादन पर असर पड़ रहा है। विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर डीडीहाट तहसील के विनायक गांव में डीएन उप्रेती के फार्म में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए खाद डाली जाए। उन्होंने कहा कि जमीन में पोषक तत्वों की कमी होने पर उत्पादन पर असर पड़ता है। इस मौके पर 180 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए गए। केवीके के प्रभारी डा. जितेंद्र क्वात्रा, मृदा विशेषज्ञ डा. आरके सिंह, डा. निर्मला भट्ट ने किसानों को तमाम जानकारियां दी। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि ललित नेगी, हरीश उप्रेती, डीबी पाल, श्याम सिंह, गंभीर सिंह समेत मसमोली न्याय पंचायत के कई किसान शामिल हुए।
डीडीहाट विकास खंड में काश्तकारों को 90 प्रतिशत अनुदान में राशन रखने वाले ड्रम बांटे गए। विकास खंड सभागार में हुयें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख जयंती देवी ने 64 किसानों को ड्रम और ग्राम सभा हाटथर्प तथा जाख धौलेत के 21 काश्तकारों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए। कृषि विकास अधिकारी अनिल सिंह और कनिष्ठ प्रमुख प्रवीण सिंह भी मौजूद थे। कनालीछीना में ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे। कृषक पीतांबर दत्त, प्रकाश चंद्र, प्रेम बल्लभ, वंशीधर, विनोद कुमार, पार्वती देवी और गीता देवी को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए। कृषि अधिकारी ख्यालि राम लोहनी, हरीश मैथानी और विक्रम चंद्र ने कृषकों को कृषि, मत्स्य, पशुपालन आदि लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी।