पिथौरागढ़। जिसे मृतक समझकर परिजनों ने भुला दिया वह महिला 20 साल बाद अपनों से मिली। बाल कल्याण समिति के सहयोग से यह संभव हुआ है। सालों बाद अपनी दादी से मिलकर पोता खुशी से झूम उठा।
पिथौरागढ़ के सिल्थाम शौचालय की छत पर एक विक्षिप्त महिला कई वर्षों डेरा जमाये रह रही थी। किसी तरह भोजन और कपड़े की व्यवस्था हो रही थी। जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य रेखा रानी की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसके बारे में जानकारी जुटाई। उसके नैनीताल की निवासी होने का पता चला। उन्होंने उसके परिजनों का पता कर उनसे संपर्क किया। काफी प्रयासों के बाद महिला को उसके परिजनों से मिलाया। शुक्रवार को महिला तारी का बेटा, पोता मां को लेने पिथौरागढ़ पहुंचे। दोनों मां और दादी से मिलकर खुशी से झूम उठे। सुनील रावत, विनीता कालोनी, सुरेंद्र आर्या, मुस्कान भंडारी, डॉ. ललित के सहयोग से 20 साल बाद महिला अपने परिजनों से मिल सकी है। बाल कल्याण समिति की सदस्य रेखा रानी ने बताया कि विक्षिप्त महिला कई साल पहले घर से निकल आई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने उसे मृत मान लिया। बताया कि परिजन महिला को खुशी से अपने साथ ले गए। संवाद