मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में अंतिम चरण की बारिश आफत फैला रही है। भारी बारिश से मल्ला जोहार में रालम-मरछाली पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया है इससे तीन गांवों के ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई है। ग्रामीणों के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों से लौटना मुश्किल हो गया है। मजबूरन ग्रामीण पहाड़ी पर चढ़कर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
मल्ला जोहार में रालम-मरछाली पैदल मार्ग ही बुई, पातो और रालम के ग्रामीणों का आवाजाही का एकमात्र जरिया है। इसी रास्ते से भेड़ पालक भी आवाजाही करते हैं। बीते दिनों हुई भारी बारिश से यह रास्ता पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंड शुरू हो गई है। ऐसे में हिमालयी क्षेत्रों के माइग्रेशन गांवों के ग्रामीणों का निचले इलाकों में लौटना शुरू हो गया है। रास्ता ध्वस्त होने से तीनों गांवों के ग्रामीण मुश्किल में हैं।
ग्रामीण बमुश्किल खतरे से बीच पहाड़ पर चढ़कर आवाजाही कर रहे हैं। भेड़पालकों की दिक्कत अधिक बढ़ गई है। उनके लिए भेड़ों के साथ पहाड़ी पर चढ़कर नीचे की तरफ लौटना मुश्किल है और वे हिमालयी क्षेत्रों में फंसे हैं। जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने बताया कि यदि समय रहते रास्ता नहीं बना तो सभी की दिक्कत बढ़ेगी। वहीं पहाड़ी के रास्ते आवाजाही करने में बड़ी घटना भी हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों और भेड़पालकों की सुरक्षा के लिए शीघ्र रास्ते का नवनिर्माण करने की मांग की है। -
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रास्ता क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। जल्द टीम को भेजकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
-खुशबू पांडे, एसडीएम, मुनस्यारी