मुनस्यारी में ओलों की मार से नष्ट फसल दिखाते किसान
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जिले में बृहस्पतिवार को भी बारिश का क्रम जारी रहा। इस कारण गर्मी का असर पूरी तरह समाप्त हो गया है। जिले के सभी हिस्सों में बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ गई है। घाटी वाले इलाकों में तपिश वाली गर्मी का असर फिलहाल नहीं है। जिला मुख्यालय में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मुनस्यारी के आसपास की चोटियों पर लगातार हो रहे हिमपात के कारण मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मुनस्यारी में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मुनस्यारी के पास खलियाटॉप, कालामुनि में हल्का हिमपात हुआ, जबकि उच्च हिमालय की पंचाचूली, हंसलिंग, छिपलाकेदार, राजरंभा की चोटियों पर जमकर बर्फ गिरी है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर गरज वाले बादल सक्रिय होंगे। जिला मुख्यालय में बुधवार की रात रुक-रुककर बारिश होती रही। बृहस्पतिवार को सुबह भी तेज बारिश आई थी। मौसम विभाग ने आठ अप्रैल से मौसम सामान्य होने का संकेत दिया है। उसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगेगी।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-15 एमएम
बेड़ीनाग-15 एमएम
मुनस्यारी-36 एमएम
गंगोलीहाट-5 एमएम
डीडीहाट-11 एमएम
धारचूला-16 एमएम
मुनस्यारी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बृहस्पतिवार को दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से फसलों, सब्जियों, फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं, मसूर, जौ, चना की फसल ओलों की मार से नष्ट हुई है। इस मौसम में बोई गई पालक की सब्जी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मालूपाती गांव के किसान दयान गिरी ने बताया कि ठीक फसल पकते समय हुई ओलावृष्टि से भारी क्षति पहुंची है। कुछ इलाकों में ज्यादा ओलावृष्टि हुई। कांग्रेस नेता हीरा सिंह चिराल ने कहा कि किसानों के सामने बीज का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से गरीबों को राशन नहीं मिल रहा है। खेतों में बोई गई फसल ओलों की मार से चौपट हो गई है। उन्होंने पूरे तहसील क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए टीम भेजने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।