लोगों ने शुक्रवार को नगरपालिका के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि नगरपालिका जिन लावारिस लाशों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाती है उनको जलाने या दफनाने के बजाए खुले में छोड़ देती है। ऐंचोली के पास रंधौला में बाकायदा अंत्येष्टि स्थल बनाया गया है, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। तीन दिन पहले गंगोलीहाट में मिली अज्ञात लाश को पालिका ने इसी तरह थोड़ा सा मिट्टी डालकर ढक दिया था, जिसे कुत्तों ने खींचकर निकाल लिया। तब से इलाके के लोग भड़के हैं।
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहरा के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने कहा कि शवों को अच्छी तरह नहीं दफनाने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया है। धरने पर ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह, सभासद भुवन जोशी, हयात सिंह, दलीप सिंह, राम सिंह, गोविंद सिंह, कुंदन सिंह, सुरेश सामंत, ललित जोशी, विनोद सामंत, गगन सिंह, आदित्य पाठक, मंजू वल्दिया, पंकज खत्री, रमेश जोशी आदि बैठे।
आंदोलन के बाद हरकत में तंत्र, शव को पुन: दफनाया
शहर के रंधौला शवदाह स्थल में लावारिस शव को दफनाने के नाम पर खानापूर्ति के खिलाफ जनता के आंदोलित होने के बाद सरकारी तंत्र हरकत में आया। दोपहर करीब तीन बजे तहसीलदार हरी राम, कोतवाल ध्यान सिंह और पालिका कर्मी मौके पर पहुंचे। जमीन के ऊपर ही दिख रहे शव को बाहर निकालकर फिर से गड्ढे में दबाया गया। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा ने कहा कि शवों को अधजला छोड़ने, गड्ढे में दबाने के नाम पर खानापूर्ति करने से आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, यह कुत्ते इंसानों को मौत के घाट तक उतार दे रहे हैं। उन्होंने कुत्तों से निजात दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।