गैस गोदाम के लिए जमीन का निरीक्षण करते अधिकारी
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लंबी जद्दोजहद के बाद थल में गैस गोदाम स्वीकृत हो गया है। राज्य सरकार ने तीन महीने पहले थल में रसोई गैस गोदाम स्थापित करने का निर्णय लिया था।
गैस गोदाम के लिए थल के बलतिर में पांच नाली भूमि का चयन किया गया है। शुक्रवार को केएमवीएन के एसडीओ एमएस नेगी ने टीम के साथ जमीन का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए शासन से 35 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। निगम ने 25 से 31 मई तक निविदा आमंत्रित की है। टेंडर एक जून को खुलेंगे। उन्होंने बताया कि गैस गोदाम से इलाके के 10,000 ग्राहकों को गैस सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए गैस गोदाम भवन में कार्यालय संचालित किया जाएगा। अब तक थल इलाके में डीडीहाट से रसोई गैस की सप्लाई होती है।
गैस गोदाम बनने के बाद लोगों को घर पर रसोई गैस मिलेगी। बलतिर के ग्राम प्रधान महिराज सिंह भैंसोड़ा, केएमवीएन के निदेशक चंचल चौहान, बृजेश सत्याल, पूरन सिंह भैंसोड़ा, गोपाल सिंह नेवे, भुवन भट्ट, शंकर सिंह भैसोड़ा, दान सिंह बिष्ट, दामोदर भट्ट, भुवन भट्ट, जीवन जोशी, पंकज भैंसोड़ा, मनोहर सिंह मेहता, पूरन मर्तोलिया, तुलसी देवी ने गैस गोदाम की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत का आभार जताया है। कहा है कि इससे थल के लोगों की बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।