थल-सातशिलिंग राजमार्ग पर नागीमल मंदिर के पास पहाड़ी काटकर सड़क बनाती जेसीबी। संवाद
थल(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी, थल सहित अन्य हिस्सों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली प्रमुख थल-सातशिलिंग सड़क चौथे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी है। जेसीबी से पहाड़ी काटकर नई सड़क बनाई जा रही है। नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरकने से 160 मीटर क्षेत्र खतरनाक जोन बन गया है। यदि जल्द सड़क नहीं खुली तो क्षेत्र के लोगों की दिक्कत बढ़ सकती है।
25 सितंबर की दोपहर रामगंगा के कटाव से 60 मीटर दाएं छोर की ओर का सड़क का नया हिस्सा नदी में समा गया था। तब से अभी तक सड़क नहीं खुल सकी है। सड़क बंद होने के चौथे दिन राहत की बात यह है कि पहाड़ी काटकर मार्ग बनाने के लिए लोनिवि ने जेसीबी लगा दी है। दाएं छोर पर 60 मीटर हिस्सा जमींदोज होने से जेसीबी से ऊपर की पहाड़ी काटकर नई सड़क बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क कब तक खुल पाएगी, यह बताने में प्रशासन और विभाग असमर्थ हैं। स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान हथेली पर रखकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। यात्रियों को वाया डीडीहाट से जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 20 किमी के अतिरिक्त सफर के साथ दोगुना किराया देना पड़ रहा है। मुवानी और थल के बीच वाहनों का आवागमन ठप हो चुका है। यदि सड़क जल्दी नहीं खुली तो इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ने के साथ जेब पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। थल बाजार में पीलीभीत मंडी से आने वाली सस्ती सब्जी के नहीं पहुंचने का असर लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है।
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सीमांत में 12 सड़कें मलबा आने से बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में 12 सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं। थल-सातशिलिंग के साथ ही रामगंगा-क्वीटी-मुनस्यारी, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-तोमिक, तवाघट-खेला, पौड़ी-घटकुना, मदकोट-बौना, बांसबगड़-धामीगांव, गोगिना-सल्ला, कोटा-कांडाधुरा-मुनस्यारी, खड़िक-मलौन, डीडीहाट-आदीचौरा-हुनेरा सड़कें बंद हैं। सड़कों के लंबे समय से बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद