राज्य वित्त निधि बंद किए जाने से भड़के ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य वित्त की मद को प्रधानों के खातों में डालना बंद कर दिया है। अब यह निधि सिर्फ जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को ही देने का फैसला लिया गया है।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह ने कहा कि राज्य वित्त की मद से जरूरी विकास कार्य किए जाते थे। 26 नवंबर को प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी कर इस मद की राशि प्रधानों को देना बंद कर दिया है। इससे पहले भी प्रधानों ने शासन के सामने जितनी मांगें रखी थी, उनमें से किसी का समाधान नहीं हुआ। राज्य वित्त की मद बंद होने से गांवों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। उन्होंने ताजा आदेश को वापस लेने और पहले की तरह प्रधानों को राज्य वित्त की राशि देने की मांग की। कहा कि यदि सरकार ने तत्काल फैसला नहीं लिया तो प्रधान उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान किरन देवलाल, राजेंद्र कुमार, आनंद सिंह, राजेंद्र प्रसाद, तुलसी देवी, गणेश सिंह, योगेश जोशी, गणेश दयाल, रेनू देवी, सुनीता पांडे, प्रेम राम, कैलाश जोशी, टेकबहादुर खड़ायत, विमला देवी आदि थे। इस मामले में बाद में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।