पिथौरागढ़। एनआरएलएम समूहों से जुड़कर 22 महिलाओं ने मुर्गी और मौन पालन कर अपनी आर्थिकी मजबूत की है। ऐसा कर महिलाओं ने अन्य को भी स्वरोजगार की राह दिखाई है। हर महिला इस व्यवसाय से आठ हजार से अधिक महीना कमा रही है।
हर महिला ने ग्रामोत्थान से व्यक्तिगत और अल्ट्रापुअर योजना के तहत 30 से 75 हजार रुपये तक का ऋण लेकर मुर्गी और मौन पालन शुरू किया। 12 महिलाओं ने मुर्गी तो 10 महिलाओं ने मौन पालन में हाथ आजमाया। मेहनत रंग लाई और यह व्यवसाय चल पड़ा। अब हर महिला मुर्गी, अंडे, शहद बेचकर करीब एक लाख रुपये सालाना कमा रही है। स्थानीय बाजारों में चिकन, अंडे और शहद की अच्छी मांग होने से उन्हें बाजार भी नहीं खोजना पड़ रहा है। ये महिलाएं अन्य को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। ग्रामोत्थान के जिला परियोजना प्रबंधक प्रतीम भट्ट ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य है। इस कार्य में सफलता मिल रही है और महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।