पिथौरागढ़। थल क्षेत्र के बलतिर गांव निवासी पूर्व सैनिक शंकर सिंह भैसोड़ा ने 50 साल से बंजर पड़ी एक हजार नाली भूमि में बगीचा तैयार किया है। वह इस बगीचे में पुष्प उत्पादन, मछली पालन और सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। उनके बगीचे को देखने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने अपने साथ गांव के 22 परिवारों को जोड़कर उन्हें रोजगार भी दिया है। पूर्व सैनिक अपने बगीचे से हर साल चार से पांच लाख रुपये की आय कर रहे हैं। पूर्व सैनिक के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है।
बलतिर गांव के पूर्व सैनिक शंकर ने आसाम राइफल्स में 17 साल सेवा की। वह जब भी छुट्टी घर आते तो लोगों को गांव के आसपास बंजर भूमि का उपयोग कर अपनी आजीविका में सुधार के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने बंजर भूमि पर पौधरोपण किया। इसके बाद सब्जी उत्पादन किया। बगीचे में 12 हजार फलदार पौधे रोपे।
इस वह बगीचे से वह सालाना चार से पांच लाख रुपये शुद्ध लाभ कमाते हैं। उन्होंने गांव के 22 परिवारों को अपने साथ जोड़कर उन्हें रोजगार भी दिया है। पूर्व सैनिक के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है। पूर्व सैनिक शंकर ने बकरी, गाय, भैंस पालकर लोगों को जैविक दूध भी उपलब्ध करा पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
बगीचे में हॉलैंड के लीली के साथ गेंदे का उत्पादन कर रहे भैसोड़ा
पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक शंकर सिंह भैसोड़ा बगीचे में हॉलैंड के लीली, ओरिएंटल लीली, लिलियम, पाइजर लीली, ग्लाइड, रजनीगंधा, गेंदा सहित कई फूलों का उत्पादन कर रहे हैं।
भैसोड़ा शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों में लोगों को निशुल्क फूल दे रहे हैं। उनको फूलों की डिमांड दिल्ली, मुंबई सहित कई महानगरों से मिल रहे हैं। वह फूलों की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। संवाद
शंकर सिंह भैसोड़ा- फोटो : PITHORAGARH