पिथौरागढ़। नेताजी का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। जगह-जगह प्रचार के लिए गाड़ियों का काफिला घूम रहा है लेकिन जिले में तीन विकासखंडों के 39 गांव और तोक ऐसे हैं, जहां आज तक सड़क नहीं पहुंची है।
अपने घर तक पहुंचने के लिए यहां के लोगों को आज भी एक से 10 किलोमीटर तक की दूरी पैदल ही तय करनी होती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो तब होती है जब कोई बीमार हो जाता है। ग्रामीण मरीज को डोली में रखकर इतनी लंबी दूरी पैदल ही नापते हैं। सुख सुविधाओं के अभाव में लोगों ने भी गांव से शहर का रुख कर लिया।
मूनाकोट, विण और कनालीछीना ब्लॉक के 39 गांव के 1522 परिवार आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर इन गांवों के लोग आज भी कई किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचते है। इनमें सबसे अधिक मूनाकोट ब्लॉक 21 गांव और तोक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाए हैं। इसमें सेल, चौड़ी, संयूसी, गारागांव लग्गा मैक, बलेत, चौकियाल गांव, गंगासेरी, मेहरा सेरी, भंटारा, सिनखोली, डोलीबिकटिया, अराली, डोली खोली, कूचाला भडवारा, धौनधूरा, जूलपाता, बर्तियाकोट महर, बर्तियाकोट नायक, पाली पलचौड़ा, बिचखोली हैं।
विण ब्लॉक के 14 गांव और तोकों तक सड़क निर्माण कार्य किया जाना शेष है। इसमें गोगना, तल्लीसार, डुंगरा, सेरा, सनकटिया, देव कटिया, मारानयाबाद, थामकुंड, कूचगाड़, चौमूसिरोड़िया, बर्खा लेख, माशू, संतरा पोखरी, डुंगरा पांडे शामिल हैं। कनालीछीना ब्लॉक के चार गांव में बेडारी, चिपचिपा, पुखरोड़ा, ध्वज आरएफ गांव शामिल हैं।