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पिथौरागढ़ में पानी के लिए मचा हाहाकार

Thu, 17 Mar 2016 11:54 PM IST
ब्यूरा/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पानी के लिए मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। घाट पंपिंग योजना से एक बार फिर पानी की लिफ्टिंग ठप हो गई। इस कारण बृहस्पतिवार को नगर के 60 फीसदी हिस्से में पेयजल सप्लाई ठप रही। लोग सुबह नलों में पानी आने के इंतजार करते रहे। बाद में सार्वजनिक स्टैंडपोस्ट में जाकर पानी भरने की होड़ मच गई। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि घाट पंपिंग योजना के लिए बुधवार रात बिजली की सप्लाई ठप हो गई थी। इस कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मटेला के पास फ्यूज उड़ा था, उसे करीब दो घंटे में बांध दिया गया था। बिजली सप्लाई ठप नहीं हुई थी।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि मटेला के पास ट्रांसफार्मर का फ्यूज रात में करीब 12 बजे उड़ गया था। विद्युत विभाग ने सुबह पांच बजे तक यह फ्यूज नहीं बांधा। बिजली का व्यवधान होने से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। ‘रात 12 बजे तक जब तक बिजली थी तब तक पंप क्यों नहीं चले’ का उनके पास कोई जवाब नहीं है। विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी वीके बिष्ट का कहना है कि फ्यूज रात एक बजे उड़ा था और उसे दो घंटे बाद तड़के तीन बजे बांध दिया गया था। उन्होंने कहा कि घाट पंपिंग योजना के लिए बिजली की सप्लाई प्राथमिकता से की जाती है। बिजली व्यवधान के कारण पानी ठप होने का आरोप गलत है। 

इसे सौभाग्य की बात कहा जाएगा कि पिथौरागढ़ में जल संस्थान के महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और कई जूनियर इंजीनियर बैठते हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी पानी की लाइन चेक करने नहीं जाता। नगर में टुल्लू पंप लगाकर धड़ाधड़ पानी खींचा जाता है और मेनलाइन से कनेक्शन जारी किए गए हैं, लेकिन कभी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। पेयजल किल्लत पर डीएम एचसी सेमवाल ने जल संस्थान और विद्युत विभाग के अधिकारियों से तालमेल बनाकर काम करने को कहा है। डीएम ने कहा कि एक छोटी सी गलती का खामियाजा लोगों को भोगना पड़ता है। भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए।
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