जिला मुख्यालय में शुक्रवार अपरान्ह दो बजे से करीब 45 मिनट तक हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से खासी राहत मिली है। बारिश थमने के बाद मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने इस अवधि में 19.5 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अब नमी का स्तर बढ़ गया है और अगले 24 घंटे में फिर से बारिश हो सकती है। उधर, रामगंगा घाटी में बृहस्पतिवार रात जमकर बारिश हुई। बारिश से धुंध पूरी तरह समाप्त हो गई है।
जिला मुख्यालय में शुक्रवार सुबह से मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद आसमान पर गरज वाले बादल सक्रिय हो गए। कुछ देर में जमकर पानी बरसा। जिला मुख्यालय में शुक्रवार को इस सीजन की सबसे अच्छी बारिश हुई। बारिश से सड़कों में पानी भर गया। आसपास के नालों और गधेरों में जान आ गई। रामगंगा घाटी में बृहस्पतिवार रात हुई बारिश के बाद लोग अब धान की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। मुनस्यारी, धारचूला में भी मध्यम स्तर की बारिश हुई।
सब्जी की बुआई शुरू करें किसान
ताजा बारिश से जमीन में नमी का स्तर बढ़ गया है। उद्यान विशेषज्ञों ने कहा कि अब किसान इस सीजन में बोई जाने वाली मिर्च, टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च के पौधों का रोपण कर सकते हैं। यदि आगे बारिश होती रही तो पौधों को पनपने का मौका मिल जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी ने कहा कि सब्जी उगाने के लिए अब अच्छी बारिश हो गई है। इसका फायदा किसानों को उठाना चाहिए।
वन विभाग को मिली बड़ी राहत
पिछले एक महीने से जंगलों की आग के कारण खासे दबाव में चल रहे वन विभाग को ताजा बारिश ने बड़ी राहत दी है। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि बारिश की नमी का असर कुछ दिनों तक बना रहेगा। इससे जंगलों में हरी घास भी उगने लगेगी। अब जंगलों की आग के खतरे काफी हद तक कम हो गए हैं। फिर भी उन्होंने कहा कि 15 जून तक क्रू-स्टेशनों में कर्मचारी ड्यूटी देते रहेंगे।