कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आईटीबीपी की रेस्क्यू टीम इस माह के अंत तक तैनात हो जाएगी। आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी ने भी यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है। आईटीबीपी के जवान गाला से आगे लिपुलेख दर्रे तक तैनात होते हैं। लिपुलेख दर्रे पर बर्फ पड़ी होने की स्थिति में वहां पर रास्ते की पहचान के लिए लाल झंडियां लगाई जाएंगी। आईटीबीपी के जवान खतरनाक रास्तों पर यात्रियों की मदद के लिए तैनात रहेंगे।
आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा का कंट्रोल रूम आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय में स्थापित होगा। तिब्बत में प्रवेश करने के बाद यात्रियों के लोकेशन की जानकारी इसी नियंत्रण कक्ष में आएगी। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप अपने स्तर से व्यवस्थाओं की तैयारी में जुटे हैं। यात्रियों के मेडिकल परीक्षण के लिए गुंजी में आईटीबीपी के डॉक्टरों की टीम रहेगी। महिला यात्रियों की सहायता के लिए महिला जवानों को तैनात किया जाएगा। इस बार यात्रियों का प्रथम दल 12 जून को धारचूला पहुंचेगा। धारचूला में आधार कैंप स्थापित किया जा रहा है।
केएमवीएन के पड़ावों में होगी आवास की व्यवस्था
केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रियों के आवास और भोजन की व्यवस्था निगम के पड़ावों में होगी। पड़ावों तक सामान पहुंचाने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। जल्द ही सामान का ढुलान होने लगेगा। केएमवीएन यात्रियों को दिल्ली से कैलास मानसरोवर तक ले जाने और वापस लाने की व्यवस्था करता है।