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Pithoragarh: गैस के लिए आधी रात से ही लाइन में लगे लोग, वाहन नहीं पहुंचा तो कलेक्ट्रेट धमकीं महिलाएं

Tue, 24 Mar 2026 12:25 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

पिथौरागढ़ में रसोई गैस संकट के चलते उपभोक्ताओं को रातभर लाइन में लगने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा। जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
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कलेक्ट्रेट में डीएम के आने का इंतजार करतीं रातभर लाइन में लगकर सिलिंडर न मिलने से परेशान महिलाएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पिथौरागढ़ सीमांत जिले में रसोई गैस का जुगाड़ करना उपभोक्ताओं के लिए चुनौती बन गया है। हालात यह है कि उपभोक्ता रसोई गैस मिलने की उम्मीद में रात में सो भी नहीं पा रहे हैं और वितरण स्पॉट पर लाइन लगाने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी उन्हें रसोई गैस नहीं मिल रही है।

ऐसा ही हुआ सोमवार को। नगर के टकाना वितरण स्थल पर रविवार मध्यरात्रि से ही लोगों ने खाली सिलिंडर के साथ लाइन में लगना शुरू कर दिया। महिलाएं खाली सिलिंडरों के साथ लाइन में लगकर सुबह का इंतजार करती रहीं। नौ घंटे तक लाइन में लगने के बाद सुबह नौ बजे महिलाओं को पता चला कि आज रसोई गैस का वाहन यहां नहीं आएगा तो उनका हौसला जवाब दे गया।

सभी कलेक्ट्रेट आ धमकीं और डीएम के आने का इंतजार करती रहीं। कलेक्ट्रेट पहुंची 75 वर्ष की राधिका देवी ने कहा कि डीएम से पूछना है कि मैं बुढ़िया भूखी मर रही हूं और आप किसको सिलिंडर देकर आए। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से वह सिलिंडर के लिए लाइन में लग रही हैं और निराश होकर घर लौट रही हैं।

अन्य महिलाओं ने बताया कि उन्हें सोमवार को टकाना में सिलिंडर देने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में वे रात 12 बजे से लाइन में लगीं रहीं लेकिन वाहन नहीं भेजा गया।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि वितरण में मनमानी और धांधली की जा रही है।लंबे इंतजार के बाद भी जब डीएम आशीष कुमार भटगांई के जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में जाने का पता चला तो महिलाएं निराश होकर खाली सिलिंडरों के साथ घर लौटीं।

नगर निगम में भी गैस वितरण के लिए गांव का नियम लागू

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पिथौरागढ़ में करीब दो साल पहले दौला, बस्ते, ऐंचोली सहित अन्य क्षेत्रों को वार्ड घोषित कर इन्हें नगर निगम में शामिल किया गया है। नगर का हिस्सा होने के बाद भी इन वार्डों में गैस वितरण को लेकर गांवों का नियम लागू किया गया है जो उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद दूसरा सिलिंडर उपलब्ध होगा। नगर के इन वार्डों में भी यही नियम लागू किया गया है। जिम्मेदार अधिकारी नए वार्डों का गैस एजेंसियों में दर्ज न होना कारण बता रहे हैं। नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद भी इन वार्डों को ग्रामीण क्षेत्र माना जाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। संवाद

टकाना में सोमवार को गैस वितरण निर्धारित नहीं था। फिर भी वहां पहुंचे 60 उपभोक्ताओं के नाम नोट किए गए हैं। आपूर्ति व्यवस्थित रहने पर उनको प्राथमिकता से रसोई गैस उपलब्ध की जाएगी। - केएस कुंवर, पूर्ति निरीक्षक

गैस वितरण डिपो से हो रही आपूर्ति के आधार पर किया जा रहा है। जिन स्थानों पर गैस बांटी जाएगी इसकी जानकारी पहले से ही सार्वजनिक की जा रही है। एक वितरण स्थल के उपभोक्ताओं को दूसरे स्थल पर रसोई गैस उपलब्ध नहीं की जाएगी। - जितेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर

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नगर निगम के नए वार्ड गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में यहां ग्रामीण क्षेत्रों में लागू नियम के हिसाब से ही रसोई गैस का वितरण किया जा रहा है। मामले को पेट्रोलियम कंपनियों के समक्ष रखा गया है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़

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