गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। 4.95 करोड़ रुपये से बना गंगोलीहाट महाविद्यालय का नया भवन दो साल से वीरान पड़ा है। ग्रामीणों की दान दी गई नाप भूमि पर भवन तो खड़ा कर दिया गया लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और सरकार सड़क नहीं बना सकी। सड़क न होने से महाविद्यालय नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है और विद्यार्थी गेस्ट हाउस में पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
वर्ष 2001 में गंगोलीहाट महाविद्यालय की स्थापना हुई। शुरुआत में इसका निजी भवन में संचालन हुआ। 2005 से जिला पंचायत के गेस्ट हाउस में कक्षाएं संचालित हुईं। बमुश्किल 4.95 करोड़ रुपये से सिमलकोट में महाविद्यालय के अपने भवन का निर्माण शुरू हुआ जो दो साल बनकर तैयार हो गया। ग्रामीणों की दान में दी गई नाप भूमि पर भवन तो खड़ा कर दिया गया लेकिन यहां तक सड़क पहुंचाने में उच्च शिक्षा विभाग और सरकार नाकाम रही है। नतीजनत आज तक महाविद्यालय अपने भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है और 454 विद्यार्थी गेस्ट हाउस के कमरों में बदहाल व्यवस्थाओं की मार सहते हुए सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे हैं।