दुलियाबगड़-राया बजेता सड़क पर मलबे के बीच जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते लोग। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में चीन सीमा के साथ ही 13 माइग्रेशन गांवों को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सहित तीन सड़कें बंद हैं। सड़कों पर आवाजाही ठप रहने से सेना के साथ ही तीन हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मुनस्यारी-मिलम सड़क पर सात दिन बाद भी रलगाड़ी और लीलम के बीच गिरे बोल्डर नहीं हटाए जा सके हैं। इस प्रमुख सड़क के बंद होने से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही 13 माइग्रेशन गांव वाले ग्रामीण परेशान हैं। जवानों और ग्रामीणों को बदहाल रास्तों पर पैदल सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के बाद मलबा आने से आदिचौरा-सीनी-फुलतड़ी-धार और रोजी-बुंगा सड़क पर वाहनों की रफ्तार थमी है। ऐसे में क्षेत्र की दो हजार से अधिक की आबादी गांवों से बाहर निकलने के लिए मलबा और बोल्डरों के बीच पैदल चलने के लिए मजबूर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने काम जारी है। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। संवाद
बदहाल दुलियाबगड़-राया बजेता सड़क पर खतरे के बीच हो रहा सफर
नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में दुलियाबगड़-राया बजेता सड़क की हालत दयनीय है। पांगरपानी के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। ऐसे में लोग खतरे के बीच यहां सफर करने के लिए मजबूर हैं। हालात यह हैं कि राहगीर भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। क्षेत्र के जगत दशौनी ने बताया कि पूरी सड़क आवाजाही के योग्य नहीं है। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से खतरा बना हुआ है। विद्यार्थी और ग्रामीण इस सड़क पर खतरे के बीच आवाजाही कर रहे हैं। कहा कि इस सड़क की सुध नहीं ली जा रही है।
अभ्यर्थियों से शनिवार की शाम को मुख्यालय पहुंचने की अपील
जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने मानसून काल को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों से शनिवार की शाम को ही मुख्यालय पहुंचने की अपील की है ताकि मूसलाधार बारिश से मार्गों के बंद रहने की स्थिति में परीक्षा में शामिल हो सकें। उन्होंने जनपद के सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं हैं। संवाद