गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट में 4.95 करोड़ रुपये से महाविद्यालय भवन बनने के बाद भी कक्षाएं जिला पंचायत के अतिथि गृह में चल रही हैं। सड़क न बनने से नए भवन में महाविद्यालय का संचालन नहीं हो पा रहा है। छात्र-छात्राएं और अभिभावक लंबे समय से सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
अतिथि गृह में महाविद्यालय का संचालन होने से स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं हैं और क्षेत्र के छात्र-छात्राएं अन्य महाविद्यालयों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
वर्ष 2001 में महाविद्यालय की स्थापना हुई। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उम्मीद थी कि महाविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाओं का संचालन शुरू होगा और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। उनकी यह उम्मीद अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। नए भवन में महाविद्यालय शिफ्ट न होने से यहां बीएससी और स्नातकोत्तर की कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोगों ने नए भवन के लिए अपनी नाप भूमि दान दी। 4.95 करोड़ रुपये से नया भवन भी बना दिया गया। 12.70 लाख रुपये बिजली व्यवस्था तो 14 लाख रुपये पानी की व्यवस्था में खर्च हुए हैं। संवाद
हर वर्ष किराए देने में खर्च हो रहे हैं 40000
गंगोलीहाट। करोड़ों रुपये खर्च कर महाविद्यालय का नया भवन बनाया गया। बावजूद इसके उच्च शिक्षा विभाग हर साल 40000 रुपये किराया चुका रहा है।
पीजी करने के लिए करना पड़ रहा पलायन
गंगोलीहाट। महाविद्यालय में छात्रसंख्या 415 है। छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में बीएससी और स्नातकोत्तर कक्षाओं के संचालन की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। महाविद्यालय का अपना भवन न होने से अब तक इन संकायों को स्वीकृति नहीं मिली।
कोट- महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में बिजली और पानी का काम पूरा हो गया है। महाविद्यालय के लिए अभी सड़क नहीं बनी है। निदेशालय को सभी स्थितियों से अवगत कराया गया है। निदेशालय से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। - डॉ. मधुकेश गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय गंगोलीहाट।