गुरना में सड़क कटिंग से खतरे की जद में आया एक मकान जमींदोज हो गया। इससे नाराज लोगों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। लगभग एक घंटे तक चले जाम में पिथौरागढ़ और घाट की ओर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे रहे। एनएच के अधिकारियों द्वारा खतरे की जद में आए मकानों के लिए तत्काल सुरक्षा के प्रबंध करने के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
पिथौरागढ़ से घाट के बीच चल रही बारहमासी सड़क की कटिंग के दौरान गुरना में कई मकान खतरे की जद में आ गए थे। शनिवार रात को एक मकान की सीढ़ी और शौचालय ध्वस्त होने से परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे थे। इसके दूसरे दिन रविवार की रात खतरे में आया एक और मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गया। खतरे को देखते हुए परिवार के सदस्यों के मकान पहले ही खाली कर देने से बड़ा हादसा टल गया।
सोमवार की सुबह कार्यदायी संस्था और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने एनएच में चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट ने कहा कि बार-बार कहने के बाद भी मनमाने ढंग से सड़क कटिंग की गई। इसके चलते कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाद में इस लापरवाही पर एक तहरीर पुलिस को सौंपी गई। स्थिति को देखते हुए एनएच के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। इसके बाद ही प्रदर्शनकारी जाम खोलने को राजी हुए। एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला ने बताया कि खतरे की जद में आए भवनों की सुरक्षा के लिए ठेकेदार को सुरक्षा दीवार का निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं।