बंगापानी (पिथौरागढ़)। आपदा के कारण सड़क बंद होने से तहसील क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ढूनामानी में जख्मी युवक को ग्रामीणों ने डोली में रखकर आठ किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यह दूरी तय करने में 10 ग्रामीणों को पांच घंटे का समय लगा।
बंगापानी तहसील के ढूनामानी गांव में 38 वर्षीय चंद्रशेखर जोशी पुत्र प्राण दत्त जोशी अपने पालतू मवेशियों के लिए चारा काटने के लिए पास के ही जंगल में गए थे।
इस दौरान चारा काटते समय कुल्हाड़ी से उनके पैर में चोट लग गई। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों ने जख्मी चंद्रशेखर को डोली में बिठाया और उबड़-खाबड़ रास्तों से चल दिए।
नदी घाटी क्षेत्र की चिलचिलाती गर्मी में कंधे पर डोली और थका देने वाले रास्तों से 10 लोग बारी-बारी से डोली को सहारा देकर जख्मी को पैदल मदकोट तक लाए। जहां पर एक निजी क्लीनिक में जख्मी युवक का उपचार किया गया।
डॉक्टर ने उनके पैर में 35 टांके लगाए। जख्मी युवक मदकोट में ही रहेगा। डोली लेकर आए अन्य ग्रामीण वापस पैदल गांव लौट गए। अगर पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त नहीं होता तो ग्रामीण 13 किमी की यात्रा कर मदकोट पहुंच जाते।
2020 से क्षतिग्रस्त पैदल सड़क नहीं बन पाई
बंगपानी। ढूनामानी क्षेत्र के लोग पिछले एक साल से आपदा का दंश झेल रहे हैं। जून-जुलाई 2020 की आपदा में सड़क तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, जबकि मदकोट तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 13 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। इसमें आठ किमी झूलापुल तक आना पड़ता है। झूलापुल पार करने के बाद पांच किमी की यात्रा कर वाहन से सड़क तक पहुंचते हैं।