मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को मिलम घाटी के पातो गांव का दौरा किया।ने इस गांव तक पहुंचने के लिए अभी सड़क नहीं है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पातो गांव के लिए पांच किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण बरसात शुरू होने से पहले कर दिया जाएगा। पातो गांव में अभी बिजली की लाइन नहीं है। लोग घरों में रोशनी के लिए सोलर लालटेन का प्रयोग करते हैं। सीएम ने कहा कि गांव तक बिजली की लाइन बिछाई जाएगी। लाइन को मोटी केबिल का बिछाया जाएगा ताकि इसके टूटने का खतरा न रहे। पातो गांव में उन्होंने एएनएम सेंटर खोलने का भी ऐलान किया।
सीएम कनालीछीना से सीधे हेलीकाप्टर से पातो गांव पहुंचे। वहां पर पहले से मौजूद वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने सीएम को पातो गांव की समस्याओं से अवगत कराया। सीएम ने कहा कि धारचूला मेरा विधानसभा क्षेत्र है। यह कोशिश की जाएगी कि दूरदराज के ज्यादा से ज्यादा गांवों तक पहुंचा जाए। उन्होंने कहा कि इतनी दूरस्थ गांव में भी लोग अपनी संस्कृति, परंपरा को जीवित रखे हैं। असुविधाओं के बावजूद लोगों ने अपनी जड़ों को मजबूत करने का काम किया है। पातो गांव के लोग गर्मियों में रालम गांव चले जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रालम गांव में सेटेलाइट फोन की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने आपदा से प्रभावितों को सहायता देने का ऐलान किया। साथ ही अखरोट, नींबू के पौधों के रोपण पर प्रोत्साहन राशि देने की बात कही। चारापत्ती रोपण को भी प्रोत्साहन योजना में शामिल किया गया है। ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह दरियाल समेत तमाम लोगों ने सीएम को ऊन से बनाए गए विशेष प्रकार के कोट बोखला भेंट किया। गांव के लोग पहली बार मुख्यमंत्री के आने से बेहद खुश नजर आए।