प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र भैंसकोट की क्षतिग्रस्त आंगन की दीवार।
नाचनी (पिथौरागढ़)। प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र भैंसकोट का भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। भवन की छत के टिन उखड़ने के साथ आंगन की दीवार भी दरक गई है। आंगन में भूस्खलन जारी रहने से स्वास्थ्य उपकेंद्र को खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मी टपकती छत के नीचे मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं।
चामी के पूर्व प्रधान हरीश सिंह ने बताया कि जून से स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन की छत के टिन उखड़ने शुरू हो गए थे। हाल में आई आंधी में टिन उड़कर करीब 50 मीटर दूर जा गिरे। वहीं बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण भवन के आंगन की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। आंगन में लगातार भूस्खलन होने से भवन को खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि टपकती छत के नीचे स्वास्थ्य कर्मियों को दहशत के बीच मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्वास्थ्य उपकेंद्र में रखे दस्तावेजों और औषधियों के भी खराब होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना सीएमओ को दी गई है लेकिन अब तक समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सीएमओ डॉ. जेएस चुफाल ने बताया कि भैंसकोट स्वास्थ्य उपकेंद्र के सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।