टनकपुर(चंपावत)। उत्तराखंड परिवहन निगम के कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख टनकपुर डिपो में नई बसें न मिलने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसों की कमी के कारण पहाड़ के नौ प्रमुख रूटों पर संचालन पूरी तरह ठप है और मैदान के लखनऊ, कानपुर जैसे बड़े शहरों के लिए भी पर्याप्त बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। डिपो प्रबंधन के अनुसार, सुचारु व्यवस्था के लिए फिलहाल पहाड़ और मैदान दोनों तरफ 30-30 नई बसों की सख्त जरूरत है।
पहाड़ के प्रवेश द्वार टनकपुर डिपो के पास वर्तमान में निगम अपनी 103 बसों का बेड़ा है। इसमें 29 पुरानी बसें हैं, जिनकी मरम्मत कराकर काम चलाया जा रहा है। एक दौर था जब पहाड़ के दूरस्थ हर प्रमुख कस्बे के लिए टनकपुर डिपो से बसों का संचालन होता था। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में पहाड़ के नाम पर मात्र बेरीनाग, धारचूला और गनाई रूट में रोडवेज बस का संचालन हो रहा है।
पहाड़ के प्रमुख रूटों में मुनस्यारी, धारचूला, झूलाघाट, अल्मोड़ा, नाचनी, थल, पंचेश्वर, धारचूला-बरेली, डीडीहाट रूट में बस संचालन ठप पड़ा है। इन रूटों पर यात्री सुविधा के नाम पर टनकपुर डिपो की ओर से कोई सुविधा नहीं है।
डिपो प्रशासन को बंद रूटों पर बसों का संचालन के लिए तत्काल नई बसों की आवश्यकता है। इसके लिए डिपो की ओर से मांग की गई है लेकिन अभी इस पर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। बहरहाल, टनकपुर डिपो के पास नई बसों का टोटा बना हुआ है।
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टनकपुर डिपो में पहाड़ रूट और मैदान के लिए नई बसों की कमी बनी हुई है, 30-30 बसों जरूरत है, नई बसें मिलने पर ही बंद रूटों पर बसों का संचालन हो सकेगा।
- आलोक कुमार बनवाल, मंडलीय प्रबंधक संचालन, टनकपुर मंडल, उत्तराखंड परिवहन निगम