बनबसा (चंपावत)। रक्षाबंधन के पर्व से पहले ही बनबसा में चीनी, दाल, मसालों और तेल के दाम बढ़ने के बाद अब सब्जियों के दाम बढ़ने से पर्व के फीका होने की संभावना जताई जा रही है। दाम बढ़ने से प्याज ने आंसू निकाले हैं। टमाटर के दाम कम होने से राहत मिली है।
चीनी के दाम 65 रुपये प्रति किलो पहुंचने से चाय, कॉफी, मिठाई, आइसक्रीम और अन्य पेय पदार्थ महंगे हुए हैं। इसी बीच सब्जियों के बढ़े दामों ने लोगों की रसोई का बजट डगमगा दिया है। प्याज के मूल्य बढ़ने से निर्धन और मध्यम वर्ग परेशान हैं। एक सप्ताह में प्याज के दाम तीस रुपये प्रति किलो से बढ़कर सत्तर रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
लहसुन 200, बीन 120, फूल गोभी 100, शिमला मिर्च 80, हरी मिर्च 60, लोबिया और परमल 60, खीरा, गाजर, चुकंदर पचास रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। बंदगोभी, मूली, बैंगन, टमाटर 40 रुपये प्रति किलो है। इन सब्जियों के दामों में पिछले सप्ताह में बीस से साठ रुपये प्रति किलो इजाफा हुआ है।
पुराना आलू 15 तो नया तीस रुपये प्रति किलो, पेट और मधुमेह के लिए अच्छी मानी जाने वाली लौकी और कद्दू के दाम बीस रुपये प्रति किलो से राहत है। प्रमुख सब्जी विक्रेता जाकिर खान और सोएब खान ने बताया कि प्याज के बाहर सप्लाई होने और बरसात में फसल खराब होने से दाम बढ़े हैं। गृहिणी ममता गोस्वामी, पार्वती देवी ने कहा कि इन दिनों बिना प्याज चुनी सस्ती सब्जियों से ही काम चला रहे हैं।