पिथौरागढ़ नैनीसैनी एयरपोर्ट पर एकतरफा लैंडिंग की व्यवस्था होने से दिक्कत बढ़ गई है। दूसरी तरफ पहाड़ी होने से हवा के दबाव के विपरीत विमान को रनवे पर उतारना चुनौती बन रहा है। यदि हवा का दबाव अधिक हुआ तो ऐसे में एकतरफा लैंडिंग मुश्किल होने से फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ रही है इसकी मार यात्री सह रहे हैं।
बीते मंगलवार दिल्ली से आए विमान को नैनीसैनी एयरपोर्ट पर हवा का दबाव अधिक होने से नेपाल की सीमा तक जाना पड़ा। जब दबाव कम हुआ तो विमान रनवे पर उतर सका। विमान देहरादून का फेरा नहीं लगा सका। ऐसा इसलिए कि यदि देहरादून से लौटता तो हवा का दबाव अधिक होने से फिर से उसे रनवे पर उतारना कठिन होता जो सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। ऐसे में देहरादून रूट पर फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, यदि दूसरी तरफ पहाड़ी नहीं होती तो विमान का हवा के दबाव के विपरीत उतारना आसान होता। पहाड़ी होने से विमान की एकतरफा लैंडिंग कराना मजबूरी है जो यात्रियों के लिए समस्या बन गई है। खराब मौसम में फ्लाइट कैंसिल होने के पीछे यह भी प्रमुख कारण है।
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से समस्या होगी दूर
नैनीसैनी एयरपोर्ट का एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को हस्तांतरण हो चुका है। हस्तांतरण होने से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की तस्वीर साफ हो चुकी है। 53 हेक्टेयर भूमि पर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना है। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, विस्तारीकरण के बाद एकतरफा लैंडिंग की समस्या दूर होगी इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। हालांकि विस्तारीकरण कब शुरू होगा इसका किसी को पता नहीं है।
विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए प्रशासन और राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध करानी है जो किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसा इसलिए कि नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने अब एयरपोर्ट के लिए एक इंच जमीन देने से साफ मना किया है। क्षेत्र के लोग पूर्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर इसके लिए विरोध जता चुके हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में उन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी नाम भूमि दी। तब प्रभावित परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का सरकार ने वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब फिर से एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम उनकी जमीन पर निगाह है। ऐसे में वह अब अपनी जमीन नहीं देंगे।