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Pithoragarh News: फिर से हरियाणा के युवाओं ने मारा मैदान, प्रदेश के युवा देखते रह गए

Sun, 18 Oct 2026 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती का परिणाम एक बार फिर चर्चाओं और विवादों में आ गया है। पिछली बार की तरह इस बार भी इस भर्ती में हरियाणा के युवाओं ने मैदान मार लिया है जिससे उत्तराखंड के स्थानीय अभ्यर्थी काफी पीछे छूट गए हैं।
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जिले में जीडीएस के कुल 65 पदों पर भर्तियां होनी थीं जिनमें से 60 पदों पर चयन हुआ है और पांच पूर्व पद खाली हैं। खास बात है कि चयनित सभी 60 अभ्यर्थी हरियाणा के मूल निवासी हैं जिनमें से 50 युवाओं के हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हैं। डाक विभाग के नियमों के तहत चयन हाईस्कूल के अंकों के आधार पर होता है।
पूर्व में भी ऐसी ही स्थिति पर सवाल उठे थे। अब इस नए परिणाम के आने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध और चर्चाएं तेज हो गईं हैं। पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी और होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र भट्ट सहित अन्य लोगों ने हैरानी जताई है कि हरियाणा बोर्ड के परीक्षार्थी ही लगातार इतने अधिक अंक कैसे ला रहे हैं। साथ ही 100 प्रतिशत अंक पाने वाले ये मेधावी छात्र ग्रामीण डाक सेवक जैसी नौकरी में क्यों आ रहे हैं यह गंभीर जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि नियमों में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो उत्तराखंड के युवा बेरोजगार रह जाएंगे।
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दो महीने पूर्व भी हरियाणा के 28 युवाओं को मिला रोजगार
बीते दो माह पूर्व भी ग्रामीण डाक सेवक के 51 पदों पर भर्ती हुई। 31 पदों पर ही युवा ग्रामीण डाक सेवक के पद पर तैनात हो सके। इसमें प्रदेश से सिर्फ तीन युवाओं को ही रोजगार मिला सका। जबकि 28 पदों पर हरियाणा के युवाओं ने रोजगार पाया। ये युवा भी हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक पाने वाले थे।

हिंदी में 100 अंक, लिखने और पढ़ने में गड़बड़
उत्तराखंड में हरियाणा के युवाओं की ग्रामीण डाक सेवक पद पर भर्ती के बाद कई सवाल उठने शुरू हुए। ऐसा इसलिए कि ग्रामीण डाक सेवक बने हरियाणा के जिन युवाओं ने अन्य विषयों की तरह हिंदी में भी 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए उन्हें लिखने और पढ़ने में काफी कठिनाई हो रही है। यहां तक कि इन ग्रामीण डाक सेवकों को हिंदी में प्रार्थना पत्र लिखना तक नहीं आ रहा है। सरकारी कामकाज में भी हिंदी में कई अशुद्धियां आ रही हैं। पिथौरागढ़ से लेकर गढ़वाल तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां तक कि पिथौरागढ़ जिले में हरियाणा के ग्रामीण डाक सेवकों को हिंदी की कोचिंग भी दिलानी पड़ी थी।
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डाक सेवकों की नियुक्ति हाईस्कूल के अंकों के आधार पर ही की जाती है। जिनके हाईस्कूल बोर्ड में अधिक अंक होंगे वह ग्रामीण डाक सेवक बनने में आगे रहेंगे। इस मामले में हरियाणा के युवा आगे रह रहे हैं। -अशोक कुमार पाठक, डाक अधीक्षक, पिथौरागढ़
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