गंगोलीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नौ डॉक्टरों में से दा ही डॉक्टर कार्यरत हैं। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में 10 साल से अल्ट्रासाउंड मशीन का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस जनवरी से एक्सरे मशीन का संचालन भी ठप है।
गंगोलीहाट के 30 बेड के अस्पताल पर गंगोलीहाट और गणाईगंगोली तहसील के लोगों के स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी है। वर्ष 2006 में गंगोलीहाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने अस्पताल के लोकार्पण के समय मिनी अल्ट्रासाउंड मशीन अस्पताल को प्रदान की। चार बिस्तर वाला अस्पताल 30 बिस्तर वाला हो चुका था। तीन के स्थान पर नौ डॉक्टरों के पद सृजित हो गए थे।
गंगोलीहाट के लोगों को सरकार के इस कदम से लगने लगा था कि 77 किमी और गणाईगंगोली, बनकोट के लोगों को 140 से 150 किमी की दौड़ जिला मुख्यालय जाने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी। दस साल बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं वैसी की वैसी ही हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन से एक भी रिपोर्ट उद्घाटन के बाद से नहीं निकली है। अल्ट्रासाउंड मशीन अस्पताल के एक कमरे में धूल खा रही है।
अस्पताल में केवल दो मेडिकल अधिकारी तैनात हैं। एक के पास चिकित्साधिकारी का प्रभार है। रेडियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डीरोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, डेंटिस्ट, निश्चेतक, जरनल सर्जन के पद खाली हैं। नए साल में एक दिक्कत और आन पड़ी है। एक जनवरी 2017 से एक्सरे मशीन का संचालन नहीं हो रहा है। 31 दिसंबर को एक्सरे तकनीशियन रिटायर हो गया था। नए तकनीशियन की तैनाती नहीं हुई। अस्पताल में लैब तकनीशियन भी नहीं है। स्टाफ नर्स के सभी नौ पदों पर तैनाती अवश्य है।
किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं की पहल
गंगावली विकास मंच के अध्यक्ष श्यामाचरण उप्रेती कहते हैं कि गंगोलीहाट के अस्पताल की दशा सुधारने के लिए किसी भी जनप्रतिनिधि ने कोई पहल नहीं की। अन्यथा अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन धूल नहीं फांक रही होती। डॉक्टरों के 7 पद खाली नहीं होते। एक अदद एक्सरे तकनीशियन तो अस्पताल में होता।
डॉक्टरों को लाने का पूरा प्रयास होगा
दो बार के विधायक कांग्रेस प्रत्याशी नारायण राम आर्य कहते हैं कि डॉक्टरों को लाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अल्ट्रासाउंड मशीन चालू होगी।
सबसे पहले महिला डॉक्टर की तैनाती होगी
भाजपा प्रत्याशी मीना गंगोला का कहना है कि जीतने के बाद सबसे पहले महिला डॉक्टर की तैनाती कराई जाएगी। उसके बाद अल्ट्रासाउंड मशीन चालू कराई जाएगी।