पिथौरागढ़। उत्तराखंड परिवहन निगम को वर्ष 2020 में मिली नई रोडवेज बसें सिरदर्द बनी गई हैं। आए दिन ये रोडवेज बसें आधे रास्ते में खराब हो रहीं हैं जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज प्रबंधन के पास 61 रोडवेज बसें हैं जिसमें से 42 रोडवेज बसें पुरानी और 19 रोडवेज बसें नई हैं। रोडवेज की पुरानी बसें पहाड़ के मानक पूरे करने वाली हैं। आए दिन पुरानी रोडवेज बसें आधे रास्ते में खराब हो रहीं हैं। रोडवेज को मिली 19 नई रोडवेज बसों की स्थिति पुरानी रोडवेज बसों से भी अधिक खराब है। नई बसों में कई खामियां हैं जिस कारण रोडवेज बसें गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जा रही हैं। रोडवेज प्रबंधन भी बसों को ठीक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने रोडवेज प्रबंधन से व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है।
केस एक
दो दिन पूर्व पिथौरागढ़ डिपो की रोडवेज बस पिथौरागढ़ से रुद्रपुर पहुंचने के बाद अचानक खराब हो गई। बस में 36 से अधिक यात्री रात एक बजे से सुबह पांच बजे तक फंसे रहे।
केस दो
कुछ दिन पूर्व देहरादून से पिथौरागढ़ आ रही रोडवेज बस का बाराकोट के पास अचानक ब्रेक फेल हो गया। चालक बसंत पांडे की सूझबूझ से किसी तरह रोडवेज बस में सवार 42 यात्रियों की जान बच गई। रोडवेज प्रबंधन का कहना था कि मेंटेनेंस के बाद ही बसों को लंबे रूटों में भेजा जाता है लेकिन हादसे के बाद रोडवेज प्रबंधन की पोल खुल गई।
केस तीन
कुछ समय पूर्व धारचूला से पिथौरागढ़ जा रही रोडवेज बस सतगढ़ के पास अचानक खराब हो गई। चालक परिचालक ने देखा तो बस का सेल्फ खराब हो गया था। यात्री मजबूरन टैक्सी में अतिरिक्त किराया देकर अपने गंतव्य पहुंचे।
पिथौरागढ़ डिपो को मिलीं 19 रोडवेज बसें सरदर्द बन गई हैं। मेंटेनेंस के बाद भी रोडवेज बसें आधे रास्ते में अचानक खराब हो जा रहीं हैं। रोडवेज बसों की स्थिति को लेकर मुख्यालय बता दिया है। - आरके आर्या, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो।